Uttarakhand News: उत्तराखंड STF ने साइबर क्राइम के सबसे बड़े मास्टरमाइंडों में से एक, अभिषेक अग्रवाल को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है. यह शातिर अपराधी फर्जी लोन ऐप्स के जरिए देशभर में 750 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के बाद थाईलैंड भागने की फिराक में था. STF की सतर्कता और लुकआउट सर्कुलर (LOC) के तहत अभिषेक को एयरपोर्ट पर धर दबोचा गया.

पकड़ा गया अभिषेक अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट, दिल्ली के अशोक विहार का निवासी है. उसने 2019-20 में चीनी नागरिकों के साथ मिलकर भारत में एक विशाल साइबर ठगी का नेटवर्क खड़ा किया. Inst Loan, KK Cash, RupeeGo, और Lendkar जैसे 15 से अधिक फर्जी लोन ऐप्स के जरिए लोगों को त्वरित लोन का लालच देकर ठगा गया. इन ऐप्स के माध्यम से पीड़ितों के फोन का डेटा, जैसे गैलरी और कॉन्टैक्ट्स, चुराया जाता था, और फिर अश्लील फोटो मॉर्फ कर वायरल करने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूले जाते थे.

41 शेल कंपनियों का जाल

यही नहीं STF की जांच में खुलासा हुआ कि अभिषेक ने अपनी पत्नी के नाम पर 28 और अपने नाम पर 13, कुल 41 फर्जी शेल कंपनियां बनाई थीं. इनमें कई कंपनियों के सह-निदेशक चीनी नागरिक थे, जिनके नाम डिफान वांग, झेनबो ही, मियाओ झांग, योंगगुआंग कुआंग, और वेनशुए ली हैं. ठगी की अधिकांश रकम को चीन भेजा गया, जिसकी जांच चल रही है.

गुरुग्राम कनेक्शन और अंकुर ढींगरा की गिरफ्तारी

इस रैकेट में अभिषेक का साथी अंकुर ढींगरा भी शामिल था, जिसे 2023 में गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था. STF ने औरंगाबाद में एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर तकनीकी सबूत भी बरामद किए. अभिषेक के खिलाफ 2022 में पहला केस दर्ज हुआ था, लेकिन वह फरार चल रहा था. उसके खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर ने STF को उसे पकड़ने में मदद की.

STF की कार्रवाई

एसएसपी STF नवनीत भुल्लर ने बताया कि अभिषेक अग्रवाल ने चीनी साइबर ठगों के साथ मिलकर भारत में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था. उसने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह उनके लिए काम कर रहा था. हम इस रैकेट के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी की रकम कहां-कहां भेजी गई और इस अपराध में और कौन-कौन शामिल है. पुलिस ने अभिषेक के पास से मोबाइल, पासपोर्ट, नकदी, और एक एप्पल वॉच बरामद की है.