उतर प्रदेश के महाराजगंज में सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत मधवलिया वन रेंज के जंगलों के बीच स्थित वनग्राम कंपार्ट 24 में तेंदुए के खौफनाक हमले का मामला सामने आया है. जहां पर मंगलवार आधी रात को झोपडी के आशियाने में मां के गोद में सोए एक मासूम बच्चे को तेंदुआ ने अपने जबड़े में दबोच लिया.

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उसके बाद तेंदुए के जबड़े में रोते बच्चे की मां बदहवास होकर चीखने चिल्लाने लगी. गनीमत यह है कि तेंदुआ बच्चे को छोड़ जंगल की ओर भाग निकला. तेंदुए की वारदात के बाद लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है.

तेंदुए ने झोपड़ी की टाट फाड़कर बच्ची को जबड़े में दबोचा 

तेंदुए के हमले से चीख रही महिला की पुकार सुन मौके लोग जुटे गए, जिसकी मदद से बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. ग्रामीण सुरेश, राजेश, सावित्री आदि ने बताया कि वन ग्राम कम्पार्ट 24 निवासी बिरजू की पत्नी सोमारी देवी, बेटी शिवानी को गोद में लेकर झोपडी के आशियाने में सोई हुई थी. इसी बीच आधी रात को सुनसान पाकर शिकार की तलाश में तेंदुआ आबादी में आ पहुंचा.

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उसके बाद तेंदुआ बिरजू के झोपड़ी की टाट फाड़कर अंदर घुस गया, फिर सोमारी के गोद में सोई मासूम शिवानी के गले को तेंदुआ ने अपने जबड़े में जैसे ही दबोचा वे अचानक तेज आवाज में रोने लगी.

बच्ची के अचानक रोने की आवाज सुन सोमारी की नींद खुली, तो तेंदुए के जबड़े में बच्ची को देखकर चीखने चिल्लाने लगी और बदहवास हो गई. उसके बाद तेंदुआ बच्ची को छोड़ झोपडी से निकल जंगल की ओर भाग निकला. घायल बच्ची शिवानी को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौक में भर्ती कराया गया. जहां पर डॉक्टरों ने बच्ची की हालत बिगड़ते देख प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया था.

वन क्षेत्राधिकारी ने परिजनों को मदद करने का आश्वासन दिया

मधवलिया वन क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि मासूम बच्ची पर तेंदुए की ओर से हमला करने की सूचना मिली है. ऐसे में वन कर्मियों के साथ वे अस्पताल पहुंचे और घायल बच्ची के स्वास्थ के बारे में डॉक्टरों और परिजनों से जानकारी भी ली है. घटना पर सांत्वना जताते हुए विभाग की ओर से परिजनों को हर संभव मदद करने की आश्वासन दिया गया है. मधवलिया वन क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार ने कहा कि वारदात के बाद गांव में वन कर्मियों की टीम पहुंच तेंदुए की निगरानी में जुट गई है. इतना ही नहीं लोगों को जंगल की ओर न जाने के लिए अपील भी की जा रही है.