अगर आप भी अपने बच्चे को पढ़ाई के लिए डांट और फटकार लगाते है तो जरा सावधान हो जाइये, क्योंकि ये खबर आपके होश उड़ा देगी. उत्तर प्रदेश के जनपद कुशीनगर के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सिकटा के छोटका टोला में एक किशोर को उसकी मां ने पढ़ाई के लिए डांटा तो बच्चा नाराज हो गया. इसके बाद दूसरे कमरे में गया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है.

जानकारी के मुताबिक, तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के बसडिला निवासी रमेश शर्मा का इकलौता पुत्र उत्कर्ष शर्मा (15वर्ष) अपने मामा के घर कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के ग्राम सिकटा के छोटका टोला निवासी धीरु शर्मा के घर रह कर पढ़ाई करता था. उसकी मां भी वहीं पर आई हुई थी. शनिवार की सुबह 9 बजे उसकी मां ने पढ़ाई करने को लेकर उसे डांट लगाई, तो वह नाराज होकर छत के ऊपर बने कमरे में जाकर फाटक बन्द करके फंदे के सहारे कुंडी से लटक कर जान दे दी.

पुलिस ने पीएम के लिए भेजा शव

इसके थोड़ी देर के बाद उसकी मां छत पर गई, तो यह दृश्य देखकर शोर मचाने लगी तो अगल-बगल के लोग वहां पहुंचे. आनन-फानन में उसे कुंडी से उतार कर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलने पर पहुंची कुबेरस्थान पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

विदेश में रहकर नौकरी करता है मृतक का पिता

दरअसल, उत्कर्ष के पिता रमेश शर्मा विदेश में रहकर नौकरी कर अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं. उत्कर्ष बचपन से ही अपने मामा के घर रहता है. वह कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के एक एक प्राइवेट स्कूल में दसवीं की पढ़ाई कर रहा है. उत्कर्ष की मां भी उत्कर्ष के पास आई हुई थी. दसवीं बोर्ड परीक्षा को देखते हुए उसकी मां पढ़ाई के लिए डांटती रहती थी. उत्कर्ष रोज तो डांट सहता था लेकिन शनिवार को जब उसकी मां ने पढ़ाई को लेकर डांटा तो वह नाराज होकर छत के कमरे में जाकर कुंडी से लटककर जान दे दिया. 

पुलिस ने की बच्चों पर पढ़ाई का प्रेशर बनाने की अपील

इस बाबत पुलिस क्षेत्राधिकारी पडरौना डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही शव के कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है. बच्चों को पढ़ाई या किसी भी काम के लिए ज्यादे प्रेशर बनाना आज के समय से सही नहीं है. इसका ध्यान सभी अभिभावकों को देना पड़ेगा.