कुशीनगर के कप्तानगंज क्षेत्र के सिसवा शुक्ल गांव के पास नहर में भटककर पहुंची दुर्लभ गंगा डॉल्फिन का सोमवार को वन विभाग और विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने सफल रेस्क्यू किया. करीब दो घंटे तक चले अभियान के बाद गर्भवती मादा डॉल्फिन को सुरक्षित बाहर निकाला गया और विशेष डॉल्फिन रेस्क्यू एंबुलेंस से गोरखपुर ले जाकर राजघाट स्थित राप्ती नदी में छोड़ दिया गया. 

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डॉल्फिन को छोड़ने के बाद वन विभाग के टीम ने लोगों से अपील की है कि बरसात की वजह से वन्य जीव नहरों मे आ सकते हैं, इसलिए इसमें स्नान करने ना जाये. वन विभाग ने लोगों से यह भी अपील की है कि अगर ऐसे वन्य जीव दिखते हैं तो तत्काल विभाग को सूचित करें. ताकि उन्हें उनके स्थान तक छोड़ा जा सके.

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डॉल्फिन के नहर में फंसने की मिली थी सूचना

वन विभाग के अनुसार, डॉल्फिन के नहर में फंसने की सूचना पहले ही मिल गई थी. प्रारंभिक प्रयास सफल नहीं होने पर प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देश पर कुशीनगर, गोरखपुर और महराजगंज वन प्रभाग की संयुक्त टीम के साथ लखनऊ की डॉल्फिन रेस्क्यू टीम और गोरखपुर चिड़ियाघर के विशेषज्ञों को अभियान में लगाया गया. स्थानीय ग्रामीणों ने भी रेस्क्यू अभियान में महत्वपूर्ण सहयोग दिया.

147 किलो था डॉल्फिन का वजन

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू की गई डॉल्फिन का वजन लगभग 147 किलोग्राम था और वह गर्भवती थी. सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उसकी स्वास्थ्य जांच की गई और प्राकृतिक आवास में शीघ्र छोड़ना प्राथमिकता मानते हुए उसे राप्ती नदी में सुरक्षित छोड़ दिया गया.

संरक्षित वन्यजीव को पकड़ने का न करें प्रयास- वन विभाग

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी नदी, नहर या जलाशय में गंगा डॉल्फिन या अन्य संरक्षित वन्यजीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने या छेड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि विशेषज्ञों की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके.

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