कहते हैं कि बुरे वक्त में ही इंसान की पहचान होती है। देश कोरना वायरस के संकट से जूझ रहा है और ऐसे वक्त में ऐसे कई लोग हैं जो समाज के लिए अपने स्तर पर कार्य कर रहे हें। समाज के इस वर्ग में खिलाड़ी भी आते हैं और यह भी सच है कि इस मुश्किल घड़ी में विदेशी खिलाड़ी भारतीय खिलाड़ियों से कहीं आगे हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि कोरोना के खिलाफ इस जंग में किसने किस तरह से मदद की है।

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में 1090 करोड़ रुपए की नेटवर्थ वाले सचिन तेंदुलकर ने शुरुआत में तो सिर्फ हाथ धोना सिखाया था। सचिन ने अब 50 लाख रुपए डोनेट करने की घोषणा की है। वहीं, 688 करोड़ की संपत्ति वाले विराट कोहली सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए सलाह दे रहे हैं। इस बीच, रोजर फेडरर, लियोनेल मेसी, नोवाक जोकोविच, रोनाल्डो 8-8 करोड़ रुपए से ज्यादा दान कर चुके हैं।

जानें- बीसीसीआई ने क्या किया खिलाड़ियों की बात तो हमने आपको बताई अब दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई ने क्या किया ये भी जान लीजिए। बीसीसीआई की ओर से अभी तक आर्थिक मदद की घोषणा नहीं हुई है। बीसीसीआई की नेटवर्थ 2 हजार 200 करोड़ रुपए से ज्यादा है। वहीं, 150 करोड़ रुपए नेटवर्थ वाला श्रीलंका बोर्ड एक करोड़ रुपए दान कर चुका है।

मदद में पीछे नहीं पाकिस्तान भारतीय टीम के कुछ सदस्य घर पर टिक-टॉक वीडियो ही बनाते नजर आ रहे हैं। सौराष्ट्र क्रिकेट संघ (एससीए) ने प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में 21-21 लाख रुपए देने का फैसला किया। पाकिस्तानी क्रिकेटर 50 लाख और बांग्लादेश के खिलाड़ी 28 लाख दे चुके हैं। वहीं, पाकिस्तानी अंपायर अलीम डार ने अपना लाहौर स्थित रेस्तरां जरूरतमंद लोगों के लिए खोल दिया है। यहां बेरोजगार लोग मुफ्त खाना खा सकते हैं।

धोनी की 1 लाख देने वाली खबर गलत हाल ही में इस तरह की खबरें आईं कि धोनी ने एक लाख रुपए दिए हैं। लेकिन उनकी पत्नी साक्षी ने इसे गलत बताया है। पुणे के एक एनजीओ ने 12.30 लाख रुपए जुटाने का लक्ष्य बनाया था। इसमें एक लाख कम पड़ने पर धोनी ने इतनी सहयोग राशि दी। लोगों ने समझा कि 760 करोड़ की संपत्ति के मालिक धोनी ने इतनी राशि डोनेट की है।

जानें- इन्होंने क्या किया हिमा दास ने असम सरकार की मदद के लिए अपनी एक महीने की सैलरी देने का फैसला किया है। जबकि सालाना 42 करोड़ रुपए कमाने वाली सिंधु ने मात्र 10 लाख रुपए दिए हैं। पूर्व क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल के खेलमंत्री लक्ष्मीरतन शुक्ला ने 3 महीने की विधायक की सैलरी और बीसीसीआई की पेंशन देने का फैसला किया है। उन्होंने जरूरतमंदों को दाल-चावल भी दिए हैं।