UP News: गाजियाबाद में एक बार फिर सोमवार को कौशांबी स्थित यशोदा सुपर हॉस्पिटल का किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने घेराव किया गया. इन लोगों का आरोप है की उनके परिवार के लड़के के गलत इलाज से उसकी मौत हो गई. परिजनों ने 2 जून को भी अस्पताल का घेराव किया था. घेराव के दौरान मौके पर पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया. स्थिति को संभालने के लिए एसीपी के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स मौजूद है.
जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद के थाना कौशांबी स्थित यशोदा सुपर अस्पताल का मुजफ्फरनगर से आए लोगों ने घेराव किया. दरअसल मुजफ्फरनगर के रहने वाले 35 साल के उज्जवल को 26 मई को हर्निया के ऑपरेशन के लिए एडमिट किया गया था. ऑपरेशन के बाद 2 जून की सुबह 1:31 पर उज्जवल की मौत हो गई थी. उसी दिन 2 जून को स्थानीय लोगों ने अस्पताल का घेराव किया था. पुलिस ने उज्ज्वल के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के चलते बिसरा प्रिजर्व किया गया था. उज्जवल मुजफ्फरनगर का रहने वाला था. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के बेटे गौरव टिकैत समेत भारतीय किसान यूनियन के अन्य लोग और परिजनों ने सोमवार को फिर अस्पताल का घेराव किया. उनकी मांग थी कि उनको इंसाफ मिले.
सीएमओ समझाने पहुंचे मौके पर
इस दौरान मौके पर गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आशुतोष मोहन भी पहुंचे. वह हाथ जोड़कर घेराव करने वाले लोगों से मिले. साथ ही हालात न बिगड़े इस के लिए एसीपी के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स मौजूद है. 2 जून को अस्पताल का भी सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण आया था. जिसमें उन्होंने बताया था कि मरीज की जितनी मदद हो सकती थी जान बचाने के जितने संभव प्रयास हो सकते थे और जो इलाज हो सकता था वह किया गया. लेकिन परिवार वाले अस्पताल प्रबंधन से संतुष्ट नहीं हैं.