लखनऊ के केजीएमयू में अवैध धर्मांतरण मामले में विशाखा कमेटी ने डॉ. रमीज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है. कमेटी ने महिला के शारीरिक और मानसिक शोषण मामले की जांच में रमीज को दोषी पाया. हालांकि केजीएमयू का कहना है कि धर्मांतरण के आरोप की जांच नही की गई है.
विशाखा कमेटी की सदस्य ड़ॉ मोनिका ने कहा कि केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर डा रमीज़ पर जबरदस्ती एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के धर्मांतरण कराने की कोशिश करने का आरोप है. इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है. केजीएमयू पहले ही आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर चुका है.
केजीएमयू में धर्मांतरण का मामला
विशाखा कमेटी की ओर से इस मामले में महिला के शारीरिक और मानसिक शोषण की जांच की गई. जिसकी जांच 22 दिसम्बर से शुरू की गई थी. कमेटी ने पीड़िता और उनके पिता का बयान लिया. जांच में पता चला कि दोनों को हॉस्टल दिया गया था लेकिन, वो बाहर रहते थे.
बीते साल सितंबर महीने में महिला रेज़ीडेंट डॉक्टर को पता चला कि डा रमीज़ पहले से ही शादीशुदा है. जिसके बाद डॉ रमीज़ ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया. इस मामले का खुलासा होने के बाद से ही रेजिडेंट डॉक्टर रमीज फ़रार हो गया है. पुलिस ने डा रमीज़ पर पचास हज़ार का इनाम घोषित कर रखा है और डॉ रमीज के माता पिता को गिरफ्तार कर लिया है. उसके लखनऊ और पीलीभीत के घर की कुर्की हो चुकी है.
महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने लगाए आरोप
दरअसल लखनऊ के केजीएमयू में एक महिला रेज़ीडेंट डॉक्टर ने दिसम्बर 2025 में आरोप लगाया था कि एक रेजीडेंट डॉक्टर ने उसपर धर्मांतरण का दबाव बनाया. महिला रेज़ीडेंट पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और केजीएमयू से ही एमडी कर रही है. पीड़िता के पिता ने सीएम पोर्टल और महिला आयोग में इसकी शिकायत की थी.
पीड़िता पर बनाया धर्मांतरण का दबाव
पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि जून 2025 में ही महिला रेज़ीडेंट डॉक्टर का अपने ही डिपार्टमेंट के एक रेजीडेंट डॉक्टर से दोस्ती हो गई जो मुस्लिम है, जब लड़की ने शादी की बात की तो लड़के ने धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया. जब उसने ऐसा करने से इनकार किया तो आरोपी ने उससे शादी से इनकार कर दिया. इसके बाद पीड़िता ने खुदकुशी की भी कोशिश की.
इस मामले में पीड़िता ने सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई और कहा कि इस मुस्लिम रेज़ीडेंट डॉक्टर ने फरवरी में भी एक हिन्दू डॉक्टर से शादी की है और उसका भी धर्मांतरण कराया है. वहीं केजीएमयू की वीसी डॉ सोनिया नित्यानंद ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बना कर जांच की जा रही है. डा रमीज़ को एमडी कोर्स से निष्कासित होना चाहिए इसके लिए DGME से सिफारिश की गई है.