उत्तर प्रदेश में आगमी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी दलों में बयानबाजी काफी तज हो चुकी है. इसी कड़ी में अब प्रदेश सरकार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन पर तीख तंज कसते हुए 'अवसरवादी गठबंधन' बताया है.

Continues below advertisement

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा, "उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन हो भी जाए, तो भी इस ‘अवसरवादी गठबंधन’ को उत्तर प्रदेश की जनता धूल चटा देगी. सपा बहादुर अखिलेश यादव की कुंडली में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उनके बड़े भाई राहुल गांधी की कुंडली में 2047 तक प्रधानमंत्री बनने का कोई योग नहीं है. देश ने 2014, 2019 और 2024 में भाजपा पर भरोसा जताया, वहीं यूपी में भी 2017 और 2022 में कमल खिला."

यह भी पढ़ें: घर के बाहर चारपाई पर बैठे परिवार पर चढ़ा ट्रक, 4 लोगों की मौत

Continues below advertisement

दोनों के सपने न पूरा होने का दावा 

केशव प्रसाद मौर्य ने आगे लिखा,  "राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जोड़ी जानती है कि उनके सपने पूरे होने वाले नहीं हैं. इसके बावजूद वे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक ‘राजनीतिक धमाचौकड़ी’ मचाए हुए हैं, लेकिन इससे कुछ होने वाला नहीं है." केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान हाल ही में सपा और कांग्रेस के बीच बन रहे गठबंधन की खबरों को लेकर है. क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में इस गठबंधन ने बीजेपी को 33 सीटों पर समेट दिया था.

क्यों महत्वपूर्ण है यूपी जीतना ?

यहां बता दें कि यूपी देश में सबसे ज्यादा विधानसभा वाला राज्य है, यहां 403 विधानसभा सीटें हैं और लोकसभा की 80 सीटें. जो यहां सरकार बना लेगा 2029 के लोकसभा में उसकी दावेदारी मजबूत होने के आसार हैं. जिस प्रकार बीते लोकसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन का असर देखने को मिला था, अगर वही रहता है तो बीजेपी के लिए मुश्किल होगा. क्योंकि सपा और कांग्रेस ने मिलाकर 80 में से 42 सीटें जीतीं थीं. जबकि कई सीटों में उसकी चंद वोटों से हार हुई थी. इस जीत को अगर विधानसभा से जोड़ दें तो सपा-कांग्रेस गठबंधन काफी आगे था. 

यह भी पढ़ें: यूपी में Gen-Z आंदोलन 2.0 की तैयारी, सपा का गढ़ होगा सेंटर!