उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हाल ही में मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा बयान दिया. उनसे जब सवाल किया गया कि वह सीएम कब तक बनेंगे? तो उन्होंने सीएम पद की जिम्मेदारी संभालने की इच्छा जताई और कहा कि अगर कुछ बनने की बात आएगी तो वह जरूर बनना चाहेंगे.

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दरअसल, एक इंटरव्यू में ऑडिएंस द्वारा केशव प्रसाद मौर्य से सवाल किया गया था कि वह सीएम कब तक बनेंगे? जवाब में केशव मौर्य ने कहा, "जब पार्टी या विधायक दल चाहेगा तब देख सकते हैं. मुख्यमंत्री या कुछ भी बनने के लिए अगर राजनीति में हैं. कुछ बनाने की अगर बात आएगी तो जरूर बनना चाहेंगे, लेकिन तय पार्टी ही करती है. विधानसभा में जो चुन के आते हैं वो विधानमंडल के सदस्य, वही तय करते हैं." हालांकि, केशव मौर्य ने आगे यह भी कहा कि इस सवाल का जवाब देना मुश्किल रहता है.

केशव प्रसाद मौर्य के साथ यह चर्चा अमर उजाला संवाद 2026 में हुई, जहां उप मुख्यमंत्री का जवाब चर्चा का विषय बन गया. 

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सुनाई अतीक अहमद पर बंदूक तानने वाली कहानी

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने साल 2004 का वह समय याद किया जब उन्होंने माफिया अतीक अहमद पर बंदूक तान दी थी. कहानी बताते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "चुनाव में पहली बार, बजरंग दल का कार्यकर्ता होने के नाते हिंदुत्व की लड़ाई लड़ता था. पहली बार साल 2004 में मुझे विधानसभा उपचुनाव लड़ाया गया था. उस दौरान वह भी चुनाव प्रचार कर रहे थे और हम लोग भी कर रहे थे. उन लोगों के पास भी अस्त्र-शस्त्र थे और हमारे पास भी."

केशव प्रसाद मौर्य ने आगे बताया, "एक जगह गाड़ी टक्कर खा गई तो उनका कोई गुंडा भिड़ गया. मुझे लगा यहां तो कोई निर्णायक लड़ाई हो जाएगी, युद्ध हो जाएगा. तो मेरे मन में यह आया कि अगर मरना है या मारना है तो किसी ऐसे वैसे को क्या मारना. मेरे पास भी लाइसेंसी राइफल थी. मैंने सोचा कि अगर मारूंगा तो अतीक अहमद को ही मारूंगा. जेल जाऊंगा तो अतीक अहमद को मार करके ही जाऊंगा. वो परिस्थिति ऐसी बन गई थी."