उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में जारी भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे लुढ़कते तापमान के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवान पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं. शीतकालीन अवधि में जब पूरा धाम बर्फ की सफेद चादर में ढक जाता है और आमजन की आवाजाही पूरी तरह बंद रहती है, उस समय भी भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और रुद्रप्रयाग पुलिस के जवान केदारनाथ में डटे हुए हैं.

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लगातार हो रही बर्फबारी के कारण धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे पहुंच गया है, लेकिन विषम परिस्थितियों की परवाह किए बिना जवान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 24 घंटे गश्त कर रहे हैं. केदारनाथ मंदिर की सुरक्षा के साथ-साथ धाम की परिसंपत्तियों की निगरानी भी इन्हीं जवानों के जिम्मे है.

निगरानी के साथ रास्ते भी संभाल रहे

भारी बर्फ जमने से रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो जाते हैं. ऐसे में सुरक्षा कर्मी न केवल निगरानी का कार्य संभाल रहे हैं, बल्कि आने-जाने के लिए रास्तों से बर्फ हटाने का काम भी लगातार कर रहे हैं. कंधों पर फावड़े उठाए जवान बर्फ काटकर रास्ते साफ कर रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आवागमन बाधित न हो और आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखा जा सके.

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शीतकाल के दौरान केदारनाथ धाम में सन्नाटा पसरा रहता है, लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता में कोई कमी नहीं है. आईटीबीपी के जवान आधुनिक उपकरणों और विशेष शीतकालीन वर्दी के साथ तैनात हैं, जबकि स्थानीय पुलिस बल भी हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है. मंदिर परिसर, रास्तों और आसपास के संवेदनशील इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग की जा रही है.

केदारनाथ धाम की सुरक्षा प्राथमिकता

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि कठिन मौसम और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद जवान पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं. केदारनाथ धाम की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.

बर्फीली हवाओं और माइनस तापमान के बीच डटे ये जवान न केवल सुरक्षा का मजबूत पहरा दे रहे हैं, बल्कि कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना की मिसाल भी पेश कर रहे हैं. केदारनाथ धाम में तैनात सुरक्षा बलों की यह मुस्तैदी हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत तस्वीर को दर्शाती है.