जेडीयू के वरिष्ठ नेता रहे केसी त्यागी और उनके बेटे अम्बरीष त्यागी ने राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) का दामन थाम लिया है. रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने दोनों नेताओं को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया. केसी त्यागी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं, ऐसे में उनके अनुभव का फायदा पार्टी को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. वहीं अम्बरीष त्यागी के आने से युवाओं के बीच भी रालोद की पकड़ मजबूत हो सकती है.

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पहले से लग रही थीं अटकलें

केसी त्यागी के रालोद में शामिल होने की चर्चा पिछले कई दिनों से चल रही थी, जिस पर अब विराम लग गया है. इसी महीने 16 तारीख को उन्होंने एक बयान जारी कर साफ कर दिया था कि उन्होंने जेडीयू के सदस्यता अभियान के तहत अपनी सदस्यता का नवीकरण नहीं कराया है. इसके बाद से ही उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं.

नीतीश कुमार को लेकर बयान से बढ़ी दूरी

दरअसल, इसी साल 9 जनवरी को केसी त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी. इस बयान के बाद जेडीयू की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई थी. पार्टी ने यहां तक कह दिया था कि यह स्पष्ट नहीं है कि केसी त्यागी अब पार्टी में हैं भी या नहीं. इसी के बाद से उनके और पार्टी के बीच दूरी बढ़ती नजर आई.

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जेडीयू के पुराने और अहम चेहरा रहे हैं त्यागी

केसी त्यागी जेडीयू के गठन के समय से ही पार्टी के अहम नेताओं में रहे हैं. साल 2003 में जब समता पार्टी और जनता दल का विलय हुआ था, तब जॉर्ज फर्नांडिस, शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ त्यागी भी मजबूत स्तंभ माने जाते थे.

उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के प्रधान महासचिव के रूप में काम किया और शीर्ष नेतृत्व के साथ करीबी तालमेल बनाए रखा. अब उनके रालोद में जाने को राजनीतिक रूप से एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.