निषाद पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के बलिया जिले को लेकर दिये गये बयान पर उठे विवाद के बीच करणी सेना के जिला अध्यक्ष ने निषाद की जीभ 'काटकर लाने' वाले को पांच लाख 51 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है. कांग्रेस ने भी बांसडीह थाने में मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए शिकायत दी है. यह विवाद शनिवार को बांसडीह में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में निषाद के भाषण का एक वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ.

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वीडियो में मंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'यहां के कई लोग अंग्रेजों के दलाल थे. दलाली की प्रथा चलती रही और यह अब भी जारी है. इसीलिए बलिया अभी भी बर्बाद है. नहीं तो बलिया बागी बलिया था. अंग्रेजों को मारकर भगाया था. देश को आजाद कराया था.'

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इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मंत्री निषाद विपक्षी दलों के साथ ही बलिया के लोगों के भी निशाने पर आ गये.

निषाद पार्टी इस मामले पर अब तक खामोश

करणी सेना के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मंत्री संजय निषाद की जीभ काटकर लाने वाले को वह पांच लाख 51 हजार रुपये का इनाम देंगे. कमलेश सिंह ने कहा, ' बलिया के बारे में उनकी टिप्पणी उनकी बीमार मानसिकता को दर्शाती है. बलिया के मंगल पांडे ने क्रांति का बिगुल बजाया था. जो कोई उनकी (निषाद की) जीभ काटकर लाएगा, उसे मैं 5,51,000 रुपये का इनाम दूंगा.' इस बीच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बलिया में प्रतीकात्मक रूप से मंत्री की अंतिम संस्कार की यात्रा निकाली.

कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, 'हमने कल बलिया शहर में मंत्री जी का पुतला दहन किया था. उनके बयान के 72 घंटे बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर अब मैंने बांसडीह कोतवाली में तहरीर देकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. 'इस घटनाक्रम पर मंत्री या निषाद पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.