उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे पर तीखा हमला बोला है. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुजफ्फरनगर में 'जज्बा दौड़' के आयोजन को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर जमकर तंज कसा.
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह एक अजीब दृश्य है कि करीब 60 साल तक देश की सत्ता में रहने वाली कांग्रेस आज युवाओं के दर्द की बात कर रही है. उन्होंने कहा, "उन 60 सालों में कांग्रेस ने युवाओं को न तो प्रशिक्षण दिया, न पढ़ने दिया और न ही रोजगार दिया. अब वे प्रयागराज जाकर जनरेशन-जेड (Gen-Z) के युवाओं से संवाद कर उनके दर्द को बांटने का नाटक कर रहे हैं."
मंत्री ने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस ने वास्तव में युवाओं का दर्द समझा होता, तो आज देश के युवाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के लिए इस तरह संघर्ष नहीं करना पड़ता.
Exclusive: 2027 में किसकी होगी जीत? बृजभूषण शरण सिंह ने बढ़ा दिया सस्पेंस
युवा संवाद को बताया 'लॉलीपॉप'
राज्य मंत्री ने राहुल गांधी के इस युवा संवाद को महज एक 'लॉलीपॉप' करार दिया. उन्होंने कहा कि केवल युवाओं के बीच जाकर फोटो खिंचाने और उनके दर्द की बात करने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने वाला है. कांग्रेस की नीतियों ने ही लंबे शासनकाल में युवाओं को बेरोजगारी की ओर धकेला है.
'राहुल गांधी के अंदर आधा खून इटली का है'
कपिल देव अग्रवाल ने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें देश की मिट्टी, संस्कृति और किसानों की वास्तविक परिस्थितियों की कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने राहुल गांधी के इटली से पारिवारिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा, "उनके अंदर आधा खून इटली का है, इसी वजह से उन्हें भारत की वास्तविकता का पर्याप्त ज्ञान नहीं है." मंत्री ने दावा किया कि राहुल गांधी चाहे जितनी कोशिश कर लें, देश का नौजवान अब उनके किसी भी बहकावे में आने वाला नहीं है.
अनुच्छेद 370 और विवादित नारों पर भी घेरा
मंत्री ने कांग्रेस पर विभिन्न आंदोलनों और देश में लगने वाले विवादित नारों को समर्थन देने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश की एकता और अखंडता, विशेषकर अनुच्छेद 370 और प्रधानमंत्री की मां को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों जैसे गंभीर मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.
अलीगढ़: 50 KM तक कीलों पर 'दंडवत' कांवड़ यात्रा, लोग हैं हैरान
