कानपुर, एबीपी गंगा। बेदर्द खाकी, जालिम पुलिस की करतूत, पुलिस की गुंडागर्दी, पुलिस का नाम आते ही जहन में कुछ इसी तरह के सवाल उठते हैं लेकिन अब आज भी पुलिस विभाग में तमाम ऐसे पुलिसकर्मी है जो अपने काम की वजह से लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं। इसकी एक बानगी कानपुर देहात में देखने को मिली जहां ट्रांसफर होने के बाद एक थानाध्यक्ष को ऐतिहासिक विदायी दी गई।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में मंगलपुर थाने में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। जहां एक इंस्पेक्टर के ट्रांसफर की खबर पाकर सैकड़ों लोगों ने उनको ऐतिहासिक विदाई दी। ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर को बग्घी पर बैठाकर बैंड बाजे के साथ नाचते-गाते हुए थाने से विदा किया। इस दौरान दर्जनों चार पहिया और दोपहिया वाहन उनके पीछे चल रहे थे। बताया जा रहा है कि अपने सरल और सौम्य स्वभाव के चलते इंस्पेक्टर स्थानीय लोगों में काफी लोकप्रिय हो गए थे। ऐसे में जब उनके ट्रांसफर की खबर लोगों को लगी तो उन्होंने थाने से दुखी मन से इंस्पेक्टर को भव्य विदाई दी।
विदाई में गाजे-बाजे के साथ गाड़ियों का काफिला
कानपुर देहात के मंगलपुर थाने में तैनात रहे इंस्पेक्टर तुलसी राम पांडेय ने करीब साल भर पहले यहां का चार्ज संभाला था। लेकिन इस दौरान उन्होंने अपने सौम्य स्वभाव के चलते स्थानीय लोगों के दिलों में जगह बना ली। लेकिन इस बीते गुरूवार इंस्पेक्टर तुलसी राम पांडेय का ट्रांसफर हो गया। जिसके बाद लोगों ने उन्हें ऐतिहासिक विदाई देने का फैसला किया।
बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
उनके ट्रांसफर की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे। कई गांव के लोग फूल-माला लेकर उनके विदाई समारोह में शमिल हुए। स्थानीय लोगो ने इंस्पेक्टर तुलसी राम पांडेय को बग्घी में दूल्हे की तरह बैठाकर क्षेत्र भ्रमण करवाया। इस दौरान सैकड़ों लोग बैंड-बाजे की धुन पर नाचते गाते भी दिखे। बग्घी के पीछे सैकड़ो गाड़ियों का काफिला चला रहा था।
नहीं देखा इतना प्रेम
बता दें कि कानपुर देहात के एसपी अनुराग वत्स ने बीते गुरूवार को 15 थानेदारों का ट्रांसफर किया था। जिसमें तुलसी राम पांडेय का मंगलपुर थाने से रसूलाबाद थाने में ट्रांसफर किया गया था। उनकी विदाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने नम आंखों से उनको थाने से विदाई दी। स्थानीय लोगों की माने तो उन्होंने किसी इंस्पेक्टर के लिए इतना प्रेम नहीं देखा।