उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के काकादेव थाना क्षेत्र में एक कमीशन एजेंट ने आत्महत्या कर ली है. मृतक की पहचान 37 वर्षीय रवि यादव के रूप में हुई है, जो शास्त्री नगर मतैयापुरवा में रहते थे. मृतक दोपहिया वाहनों, कारों और पिकअप आदि गाड़ियों को कमीशन पर खरीदने-बेचने का काम करता था, युवक के परिवार में पत्नी दीपिका, दो बच्चे और मां मानती देवी हैं. घटना के बाद पुलिस को मृतक की पैंट की जेब से 5 पेज का एक सुसाइड नोट मिला है.

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इस नोट में रवि ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वे मरना नहीं चाहता था, लेकिन परिस्थितियों ने उसे मजबूर कर दिया. युवक ने मरने से पहले अपने सुसाइड नोट में युवराज यादव और उनके भाई संतोष यादव को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उनपर आरोप लगाया गया है.

भाई ने दिया धोखा नहीं लौटाए रूपए

मृतक रवि ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि जनवरी में उन्होंने युवराज यादव को 10 लाख रुपये नकद दिए थे. समझौता था कि दोनों मिलकर गाड़ियां खरीदेंगे और मुनाफा आधा आधा बांटेंगे. लेकिन युवराज ने ऐसा नहीं किया उसने उसको धोखा दिया और पैसे वापस नहीं लौटाए. मृतक के सुसाइड नोट के अनुसार, युवराज यादव ने रवि को बेवकूफ बनाया. उसने कहा कि गाड़ियां अपने नाम पर उठाएंगे और पैसे लौटा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके अलावा, रवि और उनके दोस्त रवि कुमार के नाम पर गाड़ियां फाइनेंस कराई गईं, लेकिन फाइनेंस का पैसा युवराज के खाते में चला गया.

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रवि ने आरोप लगाया कि युवराज और संतोष ने बैंक से मिलकर पैसे हड़प लिए. इससे रवि पर भारी कर्ज हो गया. जिन लोगों से उन्होंने उधार लिया था, वे अब रवि को धमकियां दे रहे थे जिसके बाद उसका जीना मुश्किल हो गया था.

मां से मांगी माफी

सुसाइड नोट में रवि ने अपनी मां से माफी मांगी. उसने लिखा, "मां मुझे माफ कर देना, मैं अच्छा बेटा नहीं रह सका. मैं कहता था कि सब ठीक कर दूंगा, लेकिन नहीं कर पाया." उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि उनके जाने के बाद युवराज यादव और उनके भाई को सजा मिले. साथ ही, उनके दोस्त रवि कुमार को बैंक के कर्ज से मुक्त कराया जाए, क्योंकि उसका पैसा भी युवराज के पास है. रवि ने अपनी रजिस्ट्री गिरवी रखकर पैसे दिए थे और परिवार में रोज झगड़े होते थे.

सोमवार दोपहर में लगा ली फांसी

घटना के बारे में परिवार ने बताया कि सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे रवि ने घर के कमरे में पंखे के सहारे फांसी लगा ली. परिवार वालों ने उन्हें फंदे से उतारा और हैलट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस को सूचना मिलने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

रवि के भाई पंकज ने बताया कि रवि डिप्रेशन में रहता था, लेकिन उसने कभी घरवालों को इस बारे में नहीं बताया. पंकज ने कहा कि युवराज और संतोष गाड़ियां बेचकर पैसे अपने खाते में मंगवाते थे, लेकिन रवि को हिस्सा नहीं देते थे. जब रवि पैसा मांगता, तो वे टाल देते थे. पंकज ने मांग की कि दोनों आरोपियों को कड़ी सजा मिले और उनके भाई को न्याय मिले. काकादेव थाना प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि आत्महत्या की सूचना मिली है. सुसाइड नोट मिलने के साथ परिजनों की तहरीर पर जांच की जा रही है.