उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से सरकारी स्कूलों की बदहाली की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी विद्यालयों के कायाकल्प के दावों पर सवाल खड़े करती है. छिबरामऊ क्षेत्र के अकबरपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में तेज बारिश के बाद हालात बेहद खराब हो गए. पूरा विद्यालय परिसर जलमग्न हो गया और कमरों में भी घुटनों तक पानी भर गया.

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अकबरपुर कंपोजिट विद्यालय की तस्वीरें देखकर ऐसा लगता है जैसे यह कोई स्कूल नहीं, बल्कि तालाब हो. तेज बारिश के बाद विद्यालय परिसर में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया. कमरों में भी पानी भर जाने के कारण स्कूल पहुंचने वाले बच्चे गेट पर ही खड़े रहने को मजबूर हो गए.

जलभराव का असर सिर्फ बच्चों की पढ़ाई पर ही नहीं पड़ा, बल्कि विद्यालय के सरकारी दस्तावेज भी पानी में भीगकर खराब होने की बात सामने आई है. जर्जर भवन और चारों तरफ जमा पानी के बीच बच्चों की सुरक्षा भी बड़ा सवाल बन गई है. स्कूल परिसर में जहरीले सांप-बिच्छू और दूसरे जीवों का खतरा भी बना हुआ है.

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जल निकासी के लिए शिक्षकों को खुद करनी पड़ी मशक्कत

सबसे बड़ी तस्वीर सिस्टम की उस बेबसी को दिखाती है, जहां जल निकासी के लिए शिक्षक खुद पानी में उतरकर मशक्कत करते नजर आए. विद्यालय के प्रधानाचार्य का दावा है कि जलभराव की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका.

पंचायत कार्यालय में होगी बच्चों की पढ़ाई

फिलहाल खंड शिक्षा अधिकारी ने बच्चों की पढ़ाई पंचायत कार्यालय में कराने की बात कही है. यानी स्कूल मौजूद है, बच्चे और शिक्षक भी हैं, लेकिन बारिश होते ही विद्यालय में पढ़ाई मुश्किल हो जाती है और पूरा परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है.

कायाकल्प के दावों पर सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की ओर से लगातार सरकारी विद्यालयों के कायाकल्प की तस्वीर पेश की जाती है. प्राथमिक विद्यालयों में बेहतर फर्श, सुंदर परिसर और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं. लेकिन अकबरपुर कंपोजिट विद्यालय की ये तस्वीरें सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत और इन दावों के बीच अंतर पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं.

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