ज्योतिर्मठ नमाज विवाद का निकला समाधान, नगर पालिका भवन सील, शांतिपूर्वक अदा हुई जुमे की नमाज
Jyotirmath Namaz Controversy: बैठक में तय किया गया कि बिना लिखित अनुमति के सार्वजनिक भवन का इस्तेमाल धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा. साथ ही भवन को बंद कर दिया गया है.

उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ नगर में नगर पालिका भवन में नमाज पढ़ने को लेकर उठा विवाद अब फिलहाल शांत हो गया है. प्रशासन की पहल और सभी पक्षों की सहमति से ऐसा रास्ता निकाला गया, जिससे शहर में शांति बनी रहे. शुक्रवार (20 फरवरी) को जुमे की नमाज लोगों ने अपने-अपने घरों में अदा की और माहौल पूरी तरह सामान्य रहा.
गुरुवार (19 फरवरी) को नगर पालिका के एक भवन में नमाज अदा किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों ने आपत्ति जताई और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की. मामला बढ़ता देख प्रशासन हरकत में आया और देर शाम नगर पालिका बोर्ड की आपात बैठक बुलाई गई.
बैठक में तय किया गया कि बिना लिखित अनुमति के किसी भी सार्वजनिक भवन का इस्तेमाल धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा. साथ ही जिस भवन में नमाज पढ़ी गई थी, उसे तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया गया.
नगर पालिका भवन पर लगा ताला
बैठक के बाद संबंधित भवन पर ताला लगा दिया गया. एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि हॉल के इस्तेमाल के लिए औपचारिक अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया.
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने दोनों पक्षों से बातचीत की और आपसी सहमति से समाधान निकाला गया. प्रशासन ने साफ किया कि शहर में शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है और किसी को भी माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
घरों में अदा की गई जुमे की नमाज
शुक्रवार को जुमे की नमाज निजी घरों में पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्वक अदा की गई. स्थानीय निवासी इफ्तेखार मलिक ने बताया कि वे पिछले 35 साल से यहां रह रहे हैं.
उनके अनुसार, पहले भी रमजान के दौरान नगर पालिका भवन में अनुमति लेकर नमाज पढ़ी जाती रही है. इस बार लिखित अनुमति न होने की वजह से विवाद खड़ा हुआ. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के लिए हॉल की जरूरत पड़ती है और आगे इस बारे में प्रशासन से बात की जाएगी.
भाईचारा बनाए रखने की अपील
एक अन्य स्थानीय निवासी सलीम राजा ने कहा कि ज्योतिर्मठ में हमेशा से आपसी भाईचारा रहा है और इस घटना से सामाजिक सौहार्द पर कोई असर नहीं पड़ेगा. प्रशासन ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि नगर में बाहरी लोगों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाए.
अधिकारियों का कहना है कि बिना सत्यापन पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल शहर में हालात सामान्य हैं और लोग शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं.
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Source: IOCL























