उत्तर प्रदेश के रामपुर में सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर सपा के पूर्व सांसद डॉ एसटी हसन द्वारा तोड़ने के बजाय सरकार द्वारा टेक ओवर करने की सलाह पर आजम के करीबी आसिम रजा ने ऐतराज जताया है. उन्होंने पूर्व सांसद से बयान वापस लेने के साथ ही पार्टी को अपना पक्ष साफ करने की मांग की है.
रविवार को सपा के नगर अध्यक्ष आसिम रजा ने एक प्रेस कांफ्रेंस की और पूर्व सांसद के बयान पर ऐतराज जताया. यही नहीं उन्होंने यूनिवर्सिटी को सरकार द्वारा अधिग्रहण करने के बयान देने वाले नेताओं की निंदा की और कहा कि ये अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन ध्वस्तीकरण का आदेश लेगा.
क्या कहा था एसटी हसन ने ?
मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ एसटी हसन ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 बिल्डिंग तोड़ने को गलत ठहराते हुए तर्क दिया था कि यहां सभी पढ़ते हैं, लिहाजा अगर नियमों की अनदेखी की गयी है तो सरकार सुधार कर यूनिवर्सिटी का अधिग्रहण कर ले.उन्होंने सीएम योगी और राज्यपाल से इस मामले में दखल की अपील की थी.
यूनिवर्सिटी के लिए एकजुट हैं सपाई
15 जुलाई को रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा यूनिवर्सिटी की 38 बिल्डिंग को तोड़ने के नोटिस पर स्थानीय सपा नेताओं ने प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाया है. आजम के करीबी आसिम रजा ने पिछले दिनों प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया था कि सभी नक़्शे पास हैं, कोई नियमों की अनदेखी नहीं है. उन्होंने अदालत में जाने का निर्णय लिया है.
फिलहाल यह मामला यूपी की सियासत में तूल पकड़ चुका है. सपा के साथ अन्य विपक्षी दलों ने भी यूनिवर्सिटी तोड़ने के फैसलों को गलत ठहराया है. समाजवादी पार्टी ने पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ मुहीम चलाने का भी आह्वान किया है. सभी विधायकों और नेताओं को पार्टी की ओर से आदेश हैं.
