जौहर विश्वविद्यालय पर ईडी की छापेमारी के बाद अब समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के करीबियों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं. जांच के दौरान दान के नाम पर जौहर ट्रस्ट में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक जमा कराने वाले लोग ईडी ने जुटा लिए है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इन लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है. ईडी की इस कार्रवाई को लेकर आजम खान के करीबियों में भी चिंता बढ़ गई है.
दरअसल, जौहर ट्रस्ट और उसके माध्यम से जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में कथित तौर पर करोड़ों रुपये के कालेधन के इस्तेमाल को लेकर साल 2019 में शिकायत की गई थी. यह शिकायत तत्कालीन शहर विधायक और बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने की थी. शिकायत में जौहर विश्वविद्यालय की वित्तीय गतिविधियों और कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया था.
जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़ी जानकारी कराई उपलब्ध
आकाश सक्सेना ने जांच एजेंसियों को जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों के संबंध में जानकारी भी उपलब्ध कराई थी. वहीं आकाश सक्सेना ने ईडी को शिकायत करते हुए कहा था की साल 2023 में आजम खान के आयकर विभाग ने कार्रवाई की थी, जिसमें विभाग ने उनके खिलाफ 700 से 800 करोड़ की देनदारी निर्धारित की थी. महर इसके बावजूद कोई भी कार्रवाई या ठोस कदम नहीं उठाया गया.
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ट्रस्ट में बड़ी रकम दान करने वालो पर ईडी कर सकती है नजर
अब ईडी की हालिया कार्रवाई के बाद उन लोगों पर भी जांच की नजर पड़ सकती है, जिन्होंने ट्रस्ट में बड़ी रकम दान के तौर पर जमा कराई थी. यदि जांच में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों से पूछताछ की संभावना बढ़ सकती है. फिलहाल ईडी की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर हो सकती है.
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