जालौन में शराब ठेके के खिलाफ फूटा महिलाओं को गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
Jalaun News In Hindi: जिले के उरई शहर से सटे बोहदपुरा गांव में शराब ठेके के विरोध में महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया. प्रदर्शनकारियों ने शराब ठेका हटाने की मांग की है.

जालौन जिले के उरई शहर से सटे बोहदपुरा गांव में शराब ठेके के विरोध में महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया, प्रदर्शनकारियों में महिलाओं के साथ पुरुष भी शामिल रहे. प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब 9:30 बजे से लगभग 10:30 बजे तक गांव के मुख्य मार्ग पर जाम लगा रखा. प्रदर्शन की वजह से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मंदिर के पास शराब का ठेका खोला गया है, जिसकी वजह से आसपास का माहौल खराब हो रहा है. गांव की महिलाओं का आरोप है कि यहां दिन-भर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है और कई बार नशे में लोग हंगामा भी करते हैं. महिलाओं का कहना है कि इससे परिवारों पर भी बुरा असर पड़ रहा है और गांव का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है.
महिलाओं ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
बताया जा रहा है कि इसी बात से नाराज होकर गांव की महिलाओं ने एकजुट होकर शराब के ठेके के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया. देखते ही देखते दर्जनों महिलाएं सड़क पर आ गईं और ठेका बंद करने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी. महिलाओं ने मुख्य मार्ग पर बैठकर जाम लगा दिया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया.
महिलाओं ने की शराब ठेका बंद करने की मांग
महिलाओं का कहना था कि अगर प्रशासन जल्द से जल्द इस ठेके को बंद नहीं करता है तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगी. उनका कहना है कि मंदिर के पास शराब का ठेका होना बिल्कुल भी सही नहीं है और इससे गांव की सामाजिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है. कई महिलाओं ने यह भी कहा कि शराब की वजह से कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और आए दिन घरों में झगड़े की घटनाएं सामने आती रहती हैं.
अधिकारियों ने आश्वासन देकर खत्म कराया धरना-प्रदर्शन
हंगामे की सूचना मिलते ही उरई पुलिस के साथ तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी. पुलिस और स्थानीय प्रशासन के समझाइश के बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ.
हालांकि, ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इस शराब के ठेके को हटाने या बंद करने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे. उनका कहना है कि गांव की शांति और सामाजिक माहौल को बचाने के लिए यह जरूरी है कि मंदिर के पास स्थित इस ठेके को कहीं और स्थानांतरित किया जाए.
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Source: IOCL


























