समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर जो बयान दिया है उस पर सियासत तेज हो गई है. सपा अध्यक्ष के आरोपों पर अब रामभद्राचार्य ने भी पलटवार किया और उन्हें 'नमाजवादी' बताते हुए आरोपों को कोरा भ्रम बताया है. जिसके बाद अब ये मामला और तूल पकड़ सकता है. 

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जगद्गुरू रामभद्राचार्य रविवार को यूपी के बस्ती में पहुंचे थे, यहां वो श्री राम कथा के आयोजन में शामिल हुए. इस दौरान जब रामभद्राचार्य से अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल किया गया तो रामभद्राचार्य ने उन्हें ग़लत बताया, एबीपी न्यूज के सवाल पर उन्होंने अखिलेश यादव को नमाजवादी कहते हुए संबोधित किया और उनके आरोपों को कोरा भ्रम बताकर खारिज कर दिया.

अखिलेश यादव ने लगाए थे ये गंभीर आरोप

दरअसल रविवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर हुई एफआईआर पर कड़ी आपत्ति जताई थी. सपा अध्यक्ष ने इसे लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ जगद्गुरू रामभद्राचार्य को भी जिम्मेदार बताया और दावा किया कि शंकराचार्य कि खिलाफ जो शिकायत दर्ज कराई गई है उसके पीछे रामभद्राचार्य का हाथ है. 

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अखिलेश यादव ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तो रामभद्राचार्य पर 420 का मुकदमा दर्ज हुआ था, मुझसे गलती हुई, उन पर दर्ज मुकदमे को हमने वापस ले लिया था, मुझे उन्हें उसी समय जेल भेज देना चाहिए था. सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर एफआईआर दर्ज करवाने के पीछे रामभद्राचार्य और उनके चेले की साजिश है. 

बता दें कि प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगी के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज किया गया है. ये शिकायत आशुतोष ब्रह्मचारी ने दर्ज कराई है, वहीं शंकराचार्य ने आशुतोष को ही हिस्ट्रीशीटर बताया. इस पूरे विवाद में सियासत और धर्माचार्यों को एंट्री के बाद ये मामला अब और भी ज्यादा बढ़ता दिख रहा है. 

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