ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खामनेई को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही हत्या की खबरों के बाद अयोध्या में शोक की लहर देखने को मिली. शिया समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में सड़क पर उतरकर जुलूस निकाला और अपना दुख जाहिर किया.

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अयोध्या में रविवार (1 मार्च) को उस समय गमगीन माहौल देखने को मिला, जब ईरान में अली हुसैनी खामनेई की कथित हत्या की खबरें सामने आईं. खबर फैलते ही शिया समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए.

इमामबाड़ा परिसर से शुरू हुआ जुलूस

इमामबाड़ा से शुरू हुआ यह शोक का जुलूस चौक घंटाघर होते हुए वापस इमामबाड़ा परिसर में पहुंचा. जुलूस के दौरान लोगों ने खामनेई के पोस्टर, काले झंडे और तिरंगा लेकर प्रदर्शन किया. माइक के जरिए समुदाय के लोगों ने उन्हें 'शहीद' बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया और उनके समर्थन में नारे भी लगाए.

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गमगीन माहौल में शिया समुदाय के मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा कि हमारे लिए यह बहुत दुख की घड़ी है. हाथों में तख्ती, पोस्टर और इंसानियत को मारने वाले मुर्दाबाद के साथ तमाम स्लोगन लिए मुस्लिम समाज के बड़े से लेकर छोटे-छोटे बच्चे महिलाएं गम के जुलूस में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने पोस्टर भी जलाया है.

जुलूस के बीच चाक-चौंबद रही सुरक्षा

जुलूस को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. एसपी सिटी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. जुलूस के समापन के बाद इमामबाड़ा में तकरीर का आयोजन किया गया, जहां समुदाय के लोगों ने खामनेई के समर्थन में अपने विचार रखे.

बता दें कि रविवार (1 मार्च) की सुबह ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत की खबरों के सार्वजनिक होने के बाद से ही दुनियाभर में मातमी सन्नाटा छा गया. भारत में उनके चाहने वाले सड़कों पर उतर अमेरिका इजराइल का कड़ा विरोध कर रहे हैं.