समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर प्रदेश में सियासी बयानबाजी का दौर तेज हो गया हैं. इसी क्रम में बाबरी मस्जिद पैरोकार रहे इक़बाल अंसारी ने सपा मुखिया को राम मंदिर और अयोध्या के दर्शन करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि भगवान राम सबके हैं अखिलेश यादव को रामलला के दर्शन चाहिए. 

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इक़बाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या भगवान राम की नगरी है. आज अखिलेश यादव भी आ रहे हैं उनको भी चाहिए कि कथा भागवत में शामिल हो रहे हैं तो भगवान राम के भी दर्शन करें. सरयू स्नान भी करें, अयोध्या की श्रद्धा हैं.. अयोध्या साधु-संतो की नगरी है. अयोध्या आने से सबको शांति मिलती है.

उन्होंने कहा कि अयोध्या का विश्वास अटूट है. भगवान राम की नगरी है, यहां आएं और भगवान राम के दर्शन करें और मानवता होनी चाहिए..सबका साथ, सबका विकास होना चाहिए, सबके लिए रोज़गार होना चाहिए. अयोध्या की यहीं पहचान हैं. अखिलेश यादव को दर्शन करने चाहिए क्योंकि भगवान राम सबके हैं. इसलिए वो अयोध्या और रामलला के दर्शन करें, यही उनका विश्वास होना चाहिए. 

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अखिलेश यादव के दौरे पर बोले हनुमानगढ़ी के पुजारी

हनुमान गढ़ी के पुजारी महंत देवेशाचार्य महाराज ने सपा प्रमुख के अयोध्या दौरे पर कहा कि "ये बहुत प्रसन्नता का विषय है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अयोध्या की पावन धरती पर आ रहे हैं, उनके पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री पवन पांडे के यहां भागवत कथा में... लेकिन, दुर्भाग्य का विषय ये है कि अयोध्या आकर अयोध्या धाम  वो नहीं आ रहे हैं, भगवान रामलला का दर्शन नहीं कर रहे हैं, हनुमान जी महाराज का दर्शन नहीं कर रहे हैं, माँ भगवती सरयू जी का आचमन-दर्शन नहीं कर पा रहे हैं. 

इससे बड़ा दुर्भाग्यशाली इस संसार में और कोई नहीं हो सकता है. हमें रामचरितमानस की एक लाइन याद आ रही है. जिसके मन में कपट छल रहता है, वो भगवान के दरबार तक नहीं पहुंच पाता है, ये सर्वथा सिद्ध होते दिख रहा है." 

'सुबह अली-अली, फिर बजरंग बली'

योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव के राम मंदिर नहीं आने के फैसले पर सवाल उठाए और कहा कि "ना उनको राम प्यारे हैं, ना कृष्ण प्यारे हैं. कहते तो हैं कि हम कृष्ण के वंशज हैं लेकिन, ना वो मथुरा जाते हैं दर्शन करने, ना अयोध्या भगवान राम का दर्शन करने जाते हैं.

इस नाते उनको डर है कि कहीं मुसलमान हमारा साथ छोड़ के चला ना जाए तो सब बेकार हो जाएगा, इस भय से वो नहीं जाते. अब उनको हिंदू वोट कैसे चाहिए, बारह बजे तक अली-अली करते हैं, बारह बजे के बाद बजरंगबली करते हैं। तो दुविधा में दोनों गए, माया मिली ना राम."