देश भर में राम जन्मोत्सव की धूम है. खासकर राम नगर अयोध्या में राम लला के दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पूरे इंतजाम भी किए हैं. इसी बीच रामनवमी के मौके पर बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले में पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी का एक कृत्य चर्चा में आ गया है.
इकबाल अंसारी ने सुरक्षा गार्ड को भगवान राम की मूर्ति भेंट कर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की. यह घटना अयोध्या में 27 मार्च को उस समय हुई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे थे. उन्होंने इस कदम को श्रद्धा और सद्भाव का प्रतीक बताया है.
क्या बोले इकबाल अंसारी
इकबाल अंसारी ने कहा कि चैत्र नवमी के दिन भगवान राम का विशेष महत्व होता है और अयोध्या में दूर-दूर से लोग दर्शन-पूजन के लिए आते हैं. उन्होंने बताया कि यहां से लोग प्रसाद और भगवान की मूर्तियां भी लेकर जाते हैं. इसी भावना के तहत उन्होंने सुरक्षा गार्ड को यह मूर्ति दी, ताकि वह भी भगवान के बताए मार्ग पर चलें.
सौहार्द और सुरक्षा दोनों पर जोर
अंसारी ने अयोध्या को हिंदू-मुस्लिम सौहार्द का प्रतीक बताते हुए कहा कि रामनवमी का असली संदेश भक्ति और आपसी सम्मान है. वहीं, पर्व को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
