उत्तर प्रदेश को जल्द ही स्थायी डीजीपी मिल सकता है. सूत्रों के मुताबिक राजीव कृष्ण के नाम की चर्चा तेज है. उन्हें ही यूपी का स्थायी डीजीपी बनाए जाने की संभावना है. इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी हो सकता है. करीब 4 साल बाद प्रदेश को स्थायी डीजीपी मिलेगा.

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यूपी में मई 2022 से कोई स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नहीं है. अब तक कई कार्यवाहक डीजीपी बदले जा चुके हैं. आईपीएस राजीव कृष्ण 1 जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी का पद संभाल रहे हैं. उनकी छवि सख्त प्रशासनिक अफसर के तौर पर है. 

IPS राजीव कृष्ण 2029 में होंगे रिटायर

सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के मुताबिक स्थायी डीजीपी को न्यूनतम 2 साल का कार्यकाल दिया जाता है. राजीव कृष्ण जून 2029 में रिटायर होंगे. ऐसे में अगर उनकी नियुक्ति की जाती है तो उन्हें लंबे वक्त तक प्रदेश के स्थायी डीजीपी के रूप में काम करने का मौका मिल सकता है.

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DGP की रेस में कई IPS अधिकारियों के नाम आए थे सामने

प्रदेश में स्थायी डीजीपी की रेस में कई और आईपीएस अधिकारियों के नाम सामने आए थे. 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा, 1991 बैच के आलोक शर्मा और पीयूष आनंद का नाम भी सामने आ रहा था. अलोक शर्मा और पीयूष आनंद दोनों अभी डेपुटेशन पर केंद्र में सवाएं दे रहे हैं. आलोक शर्मा SPG के डायरेक्टर हैं और अगले महीने रिटायर हो रहे हैं.

स्थायी DGP के चयन को लेकर हुई थी अहम बैठक

स्थायी डीजीपी के पैनल के चयन को लेकर मंगलवार (26 मई) को यूपीएससी के साथ मुख्य सचिव एसपी गोयल और अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद ने बैठक की थी. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सीनियरिटी, अनुभव और सर्विस रिकॉर्ड के आधार पर 3 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करता है और फिर फाइनल पैनल को राज्य सरकार के पास वापस भेज देता है. अंतिम फैसला प्रदेश की सरकार को करना होता है, जो इस पैनल में से किसी एक को स्थायी डीजीपी नियुक्त करती है.

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