Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के शहरी परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आ रहा है. राज्य के नगर निगम अब कचरे को केवल एक बोझ नहीं, बल्कि एक संसाधन के रूप में देख रहे हैं. स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत, यूपी के शहरों में 'वेस्ट टू एनर्जी' (कचरे से बिजली) और 'कंप्रेस्ड बायोगैस' (CBG) जैसे नवाचारों ने कचरा प्रबंधन की परिभाषा बदल दी है.

Continues below advertisement

लखनऊ और गाजियाबाद वेस्ट टू एनर्जी का नया मॉडल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब 'शून्य अपशिष्ट'  शहर बनने की ओर अग्रसर है. हालिया आंकड़ों के मुताबिक, लखनऊ में करीब 12.86 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे (Legacy Waste) को संसाधित कर 25 एकड़ भूमि को मुक्त कराया गया है. इसी तरह, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर में डच (Dutch) तकनीक पर आधारित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट 2026 तक पूरी तरह सक्रिय होने की राह पर हैं, जो शहर के कचरे से बिजली पैदा करेंगे.

Continues below advertisement

बायोगैस उत्पादन में यूपी देश में नंबर वन

उत्तर प्रदेश वर्तमान में कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाने में देश का नेतृत्व कर रहा है. राज्य में 37 से ज्यादा प्लांट चालू हैं और 61 नए प्लांट निर्माणाधीन हैं. ये प्लांट न केवल शहरों के गीले कचरे का निपटारा कर रहे हैं, बल्कि किसानों से पराली खरीदकर उन्हें अतिरिक्त आय भी प्रदान कर रहे हैं. वाराणसी और नोएडा जैसे शहरों में 'स्मार्ट बिन' और 'जीपीएस आधारित कचरा संग्रहण' (GPS-enabled collection) प्रणाली को लागू किया गया है, जिससे कचरा उठाने की प्रक्रिया 100 फीसदी पारदर्शी हो गई है.

स्मार्ट सिटी और तकनीकी नवाचार

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत, यूपी के 10 प्रमुख शहरों में 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' (ICCC) के जरिए कचरा गाड़ियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है. ग्रेटर नोएडा की यीडा (YEIDA) सिटी में एक विकेंद्रीकृत (Decentralized) सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जहां हर सेक्टर का कचरा उसी सेक्टर में संसाधित किया जाएगा. इससे कचरे को ढोने की लागत और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी.

जनभागीदारी: इंदौर मॉडल की झलक

यूपी के कई शहर अब 'इंदौर मॉडल' को अपना रहे हैं, जहां स्रोत पर ही कचरे का अलगाव (Source Segregation) अनिवार्य कर दिया गया है. 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2025' में लखनऊ, नोएडा और प्रयागराज जैसे शहरों ने अपनी रैंकिंग में सुधार कर यह साबित किया है कि तकनीक और जन-जागरूकता के मेल से बड़े बदलाव संभव हैं.