ग्रेटर नोएडा के गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS) में भारत के पहले सरकारी अस्पताल आधारित AI क्लिनिक का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया. भारत सरकार के अतिरिक्त महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ (ADGHS) ने सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI) के तहत स्थापित इस क्लिनिक का शुभारंभ किया.

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यह AI क्लिनिक उत्तर प्रदेश के पहले सार्वजनिक अस्पताल आधारित मेडिकल इनक्यूबेटर सेंटर के माध्यम से शुरू किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य AI आधारित हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को वास्तविक क्लिनिकल वातावरण में अपने समाधान विकसित करने, परीक्षण करने और सत्यापित करने का अवसर प्रदान करना है.

100 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

इस ऑनलाइन उद्घाटन कार्यक्रम में देश-विदेश से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. इनमें डॉक्टर, AI स्टार्टअप्स, शोधकर्ता, नीति निर्माता और शिक्षाविद शामिल थे. इस अवसर पर औषधि विभाग (मेडिकल डिवाइसेज़), भारत सरकार के संयुक्त सचिव भी उपस्थित रहे. उन्होंने इस पहल को चिकित्सा उपकरणों और AI आधारित स्वास्थ्य समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बताया.

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AI क्लिनिक उद्घाटन पर GIMS निदेशक ने क्या कहा?

GIMS के निदेशक, प्रोफेसर एवं बाल रोग विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि यह पहल हेल्थकेयर स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर और पहुँच प्रदान करेगी. उन्होंने इसे समय की आवश्यकता बताया, जिससे नवाचार सीधे मरीजों और चिकित्सकों तक पहुँच सके. कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. शिवकुमार मणिकम, लीड कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक रेडियोलॉजी, एसेक्स NHS ट्रस्ट, लंदन (यूके) सहित कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने भाग लिया. IIT कानपुर, IIT मद्रास और IIIT लखनऊ जैसे प्रमुख शैक्षणिक एवं नवाचार संस्थानों की भागीदारी ने इस आयोजन को बहु-विषयक और वैश्विक स्वरूप दिया.

प्रतिभागियों ने की प्रदेश सरकार की तारीफ

प्रतिभागियों ने सार्वजनिक अस्पताल में ऐसी AI पहल शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शिता की सराहना की. उन्होंने इसे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया. ऑनलाइन उद्घाटन के बाद, 6 जनवरी को प्रस्तावित भौतिक (फिजिकल) लॉन्च को लेकर स्टार्टअप्स और चिकित्सकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है. AI क्लिनिक का उद्देश्य क्लिनिकल AI, मेडिकल इमेजिंग, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, वर्कफ़्लो ऑप्टिमाइज़ेशन, पेशेंट सेफ्टी और डेटा-आधारित स्वास्थ्य समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करना है.