उत्तराखंड के चमोली जिले में बढ़ते वन्यजीव हमलों के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव किया है. जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल सुबह 10 बजे खुलेंगे और दोपहर 3 बजे बंद होंगे. वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जो 15 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा.
प्रशासन के मुताबिक, पिछले कुछ समय से जिले के ग्रामीण और वनवर्ती क्षेत्रों में गुलदार, भालू और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ी है. कई इलाकों में सुबह और शाम के समय वन्यजीवों के दिखने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे स्कूली बच्चों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी. खासतौर पर दूर-दराज के गांवों में बच्चों को अंधेरे या कम रोशनी के समय स्कूल आने-जाने में खतरा बना रहता है.
बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला
इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में यह बदलाव किया है, ताकि बच्चों को दिन के सुरक्षित समय में ही स्कूल भेजा जा सके. प्रशासन का मानना है कि सुबह देर से स्कूल खुलने और दोपहर में समय से पहले बंद होने से बच्चों की आवाजाही अपेक्षाकृत सुरक्षित रहेगी.
संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन समितियों, प्रधानाचार्यों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, वन विभाग को भी संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क करने के निर्देश दिए गए हैं.
बच्चों को अकेले न भेजने की अपील
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को अकेले न भेजें और संभव हो तो समूह में स्कूल आने-जाने की व्यवस्था करें. किसी भी क्षेत्र में वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को देने को कहा गया है. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हालात की समीक्षा लगातार की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं.
