प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाओ अपील और बढ़ती वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों के बीच अब अधिकारी भी इस मुहिम से जुड़ते नजर आ रहे हैं. हरिद्वार विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह 'नो व्हीकल डे' मनाते हुए करीब 20 किलोमीटर का आने-जाने का सफर साइकिल से तय किया. 

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उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत को कम करना समय की जरूरत है और हर नागरिक को इसमें अपनी भागीदारी निभानी चाहिए.

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'ईंधन बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी'

मनीष सिंह ने आम जनता से भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपीलों का पालन करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि देशहित में ईंधन बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है. उनका कहना था कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा बचत में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं.

मनीष सिंह ने आगे कहा कि पीएम मोदी और सीएम धामी, दोनों ही लगातार अपील कर रहे हैं कि ईंधन बचाया जाए. कई ऐसे माध्यम हैं, जिनकी मदद से हम ईंधन बचा सकते हैं. कार पूल किया जा सकता है, साइकिल से जा सकते हैं, कम दूरी होने पर पैदल भी जा सकते हैं. इसलिए मैं दफ्तर तक साइकिल से आया और साइकिल से जा भी रहा हूं. मेरी सभी से अपील है कि अपने स्तर पर ईंधन बचाने के लिए जो भी योगदान कर सकें, करें ताकि देश और प्रदेश की प्रगति हो सके. 

'साइकिल चलाना एक अच्छी एक्सरसाइज'

मनीष सिंह के घर और दफ्तर के बीच की दूरी 20 किलोमीटर की है. इस बात पर उन्होंने कहा कि साइकिल अच्छा माध्यम है. बहुत साल से साइकिल छोड़ भी रखी थी. यह एक अच्छी एक्सरसाइज है और इससे ईंधन भी बचता है. यानी ये एक पंथ और दो काज वाली बात हुई. इसलिए मुझे लगता है कि साइकिल का आनंद लेना चाहिए. 

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