बॉलीवुड की दिग्गज कलाकारा शबाना आजमी 70 और 80 के दशक में फिल्मों में अपनी बेमिसाल अदाकारी से लोगों के दिलों पर राज किया। इतना ही नहीं उन्हें अपने फिल्मी करियर में 5 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

शबाना आजमी जितनी अपनी फिल्मों को लेकर चर्चा में रहती थी उससे कहीं ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहीं। जावेद अख़्तर से पहले शबाना का नाम जाने-माने फिल्म मेकर शेखर कपूर के साथ भी जुड़ चुका है। हांलाकि ये खबरें महज अफवाह ही निकली। वहीं जावेद अख़्तर और शबाना आजमी की प्रेम कहानी भी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। जावेद पहले से ही शादी शुदा थे जब उनके घर पर शबाना और जावेद के रिश्ते के बारे में पता चला तो काफी हंगामा हुआ क्योंकि जावेद साहब के घरवाले इस रिश्ते को मंजूरी नहीं दे रहे थे।

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जोया अख्तर और फरहान अख़्तर जावेद अख़्तर और उनकी पहली पत्नी हनी के बच्चे हैं। आपको बता दें कि जावेद अख़्तर साल 1970 में कैफी आजमी यानि शबाना आजमी के पिता से लिखने की कला सीखते थे और उसी दौरान जावेद और शबाना के बीच नजदीकियां बढ़ीं। जब दोनों के बीच अफेयर की खबर मीडिया को लगी तब आए दिन जावेद और हनी के बीच लड़ाइयां होने लगी। अपने दोनों बच्चों की वजह से जावेद, हनी को नहीं छोड़ना चाहते थे। रोज-रोज के झगड़ों से परेशान होकर हनी ने जावेद को शबाना के पास जाने की इजाजत दे दी। हनी ने जावेद से कहा कि वो बच्चों की फिक्र ना करें और शबाना के पास चले जाएं। जिसके बाद जावेद ने हनी को तलाक देकर शबाना से शादी कर ली।

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शबाना को साल 1975 में फिल्म 'अंकुर' के लिए पहली बार राष्ट्रीय पुरुष्कार मिला इसके बाद साल 1983 में फिल्म 'अर्थ' के लिए , 1984 में फिल्म 'खंडहर', 1985 में 'पार' और साल 1999 में फिल्म 'गॉडमदर' के लिए ये सम्मान दिया गया था।