लखनऊ में धर्मांतरण के खिलाफ अखिल भारत हिंदू महासभा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की है. संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई इलाकों में चंगाई सभा के नाम पर गरीब, मजबूर और जरूरतमंद लोगों को नौकरी, इलाज, शिक्षा और आर्थिक मदद का लालच देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है.

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अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने बताया कि लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में प्रशासन की अनुमति के बिना चर्च और अन्य धार्मिक स्थल बनाए जा रहे हैं. हिंदू महासभा ने सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की.

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चर्चों की जमीन और भू-उपयोग की जांच की मांग

संगठन ने प्रदेशभर में चर्चों और उनसे जुड़ी जमीनों की जांच कराने की मांग की है. इसको लेकर मुख्यमंत्री के एक ज्ञापन हजरतगंज थाने में दिया गया है. ज्ञापन में कहा गया कि जमीनों की लीज डीड, स्वामित्व और भू-उपयोग की जांच कर यह देखा जाए कि संबंधित निर्माण नियमों के अनुरूप हैं या नहीं? संगठन का दावा है कि क्षेत्र में कई चर्चों के पास करोड़ों रुपये की जमीनें हैं. इनकी लीज डीड और भू-उपयोग की जांच कराई जानी चाहिए. 

फादर और पास्टरों पर कार्रवाई की मांग

हिंदू महासभा ने मुख्यमंत्री से मांग की कि धर्मांतरण कराने के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले फादर और पास्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. संगठन ने कहा कि सफेद लिबास की आड़ में यदि कोई गैरकानूनी गतिविधि कर रहा है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए.

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