Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश, जो अपनी विशाल आबादी के लिए जाना जाता है. आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख रहा है. राज्य सरकार के 'मिशन इंद्रधनुष' और 'शून्य खुराक अभियान' जैसे प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा या गर्भवती महिला जीवन रक्षक टीकों से वंचित न रहे.

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उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में टीकाकरण अभियान एक बड़ी सफलता के रूप में उभरे हैं. राज्य सरकार और विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं के साझा प्रयासों से अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में टीकाकरण की दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. 

जीरो-डोज बच्चों में भारी गिरावट 

हालिया स्वास्थ्य रिपोर्टों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 'जीरो-डोज' बच्चों की संख्या में भारी कमी आई है. साल 2022-23 में जहां यह संख्या लगभग 2.36 लाख थी, वहीं 2024-25 में यह घटकर मात्र 1.29 लाख रह गई है. यह गिरावट राज्य की सुदृढ़ स्वास्थ्य मशीनरी और जमीनी स्तर पर काम कर रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सफलता को दर्शाती है. राज्य में हर साल लगभग 57 लाख बच्चों और 67 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा रहा है.

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U-WIN पोर्टल ने गेम-चेंजर की भूमिका निभाई

टीकाकरण को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए U-WIN पोर्टल ने गेम-चेंजर की भूमिका निभाई है. अब हर बच्चे का टीकाकरण रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित है. इससे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को उन बच्चों की पहचान करने में मदद मिलती है जिनकी खुराक छूट गई है. साथ ही, माता-पिता को उनके मोबाइल पर अगले टीके की सूचना मिल जाती है, जिससे चूक की संभावना कम हो गई है.

उत्तर प्रदेश के उन 60 जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां पहले टीकाकरण की दर कम थी. ग्रामीण क्षेत्रों में 'टीका उत्सव' और सघन अभियानों के माध्यम से स्वास्थ्य टीमें घर-घर पहुंच रही हैं. संभल और झांसी जैसे जिलों में निजी अस्पतालों के साथ मिलकर एक अनूठा मॉडल विकसित किया गया है, ताकि निजी अस्पतालों में पैदा होने वाले बच्चों को भी जन्म के तुरंत बाद अनिवार्य टीके (BCG, Polio, Hepatitis B) मिल सकें.

चुनौतियां और जागरूकता

इतनी बड़ी सफलता के बावजूद, कुछ समुदायों में अभी भी टीकों को लेकर भ्रांतियां मौजूद हैं. इन बाधाओं को दूर करने के लिए आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता 'कम्युनिटी लीडर्स' के साथ मिलकर जागरूकता फैला रही हैं. पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए दिसंबर 2025 में भी राज्य के 33 जिलों में सघन पल्स पोलियो अभियान चलाया गया, जिसमें 1.33 करोड़ बच्चों को खुराक पिलाई गई. उत्तर प्रदेश का यह मॉडल न केवल अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण है, बल्कि 'स्वस्थ प्रदेश, खुशहाल प्रदेश' के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.