गाजियाबाद में एक-एक लाख के दो इनामी बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ पुलिस ने दोनों बदमाशों को मार गिराया था. इस दौरान गाजियाबाद में स्वाट टीम में तैनात हेड कांस्टेबल संदीप मलिक बदमाशों की रेंज में डेंजर जोन में पहुंच गए थे.  इस दौरान कांस्टेबल बदमाशों  की गोली का शिकार हो गए और उन्हें पेट में गोली लग गई थी, जिसके बाद से उनकी हालत बेहद गंभीर थी.

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पुलिसकर्मी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां ऑपरेशन के दौरान उसकी गोली निकाली गई और अब ऑपरेशन के बाद जब हेड कांस्टेबल जब अपने घर पहुंचा है तो उसकी मां खूब रोइ और उसकी बलाए ली. घरवाले अब खुश हैं कि उनका बेटा सही सलामत घर आ गया है और खतरे से बाहर है. 

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क्या है मामला?

दरअसल गाजियाबाद के थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में 6 मई को 6 बदमाशों ने गोलीबारी करते हुए एटीएम कैश वेन लूट ली थी. इस वैन में 27 लाख रुपए थे. पुलिस को सूचना मिली थी कि इस वारदात में शामिल चार बदमाश वेव सिटी थाना क्षेत्र में घूम रहे हैं. यह सूचना 12 मई को मिली थी. पुलिस ने चारों तरफ से बदमाशों की घेराबंदी की थे, लेकिन इसी दौरान कार में सवार चार बदमाश गाड़ी से निकल आए. दो बदमाश पुलिस पर फायरिंग करने लगे और दो बदमाश मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए. दो बदमाश पुलिस पर फायरिंग करने लगे तो पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल संदीप मलिक भी शामिल थे, जिन्हें इस दौरान पेट में गोली लग गई थी. 

गोली लगने का बाद भी बदमाशों से लड़ते रहे संदीप

संदीप मलिक के मुताबिक बदमाशों का पीछा करते हुए वह डेंजर जोन में पहुंच गए थे. हालांकि, वो डर तो नहीं रहे थे, लेकिन उन्हें इस बात का गुस्सा था कि बदमाश पुलिस पर गोली चल रहे हैं. डेंजर जोन में पहुंचने के बाद एक गोली संदीप के पेट में लगी. उसके बावजूद संदीप मलिक ने हौसला नहीं हारे और तब तक अपनी टीम के साथ गोली चलाते रहे जब तक दोनों बदमाश ढेर नहीं हो गए. संदीप मलिक को आनन फानन में गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका ऑपरेशन हुआ. अधिक खून बहने के कारण उनको खून चढ़ाया गया. ऑपरेशन के दौरन पेट मे फंसी .32 बोर की बुलेट निकाली गई.

बतादें कि संदीप इससे पहले भी 3 एनकाउंटर में शामिल रहे हैं. संदीप अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद शामली जिले में स्थित अपने गांव लाख पहुंच गए हैं. संदीप को देखकर उनकी मां कृष्णा बाला खूब रोई और उन्होंने राहत भरी सांस ली. संदीप के पिता पुलिस से रिटायर्ड हैं और उनका छोटा भाई भी पुलिस में तैनात है.

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