धर्मनगरी हरिद्वार सोमवार (5 जनवरी) को सुबह घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटी नजर आई. तड़के से ही शहर के अधिकांश इलाकों में कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई. हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड समेत आसपास के प्रमुख गंगा घाटों पर घना कोहरा फैला रहा और गंगा तट धुंध में ढके नजर आए.

Continues below advertisement

सुबह गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को ठंड का तीखा अहसास हुआ. कोहरे के साथ चल रही सर्द हवाओं और नमी के कारण घाटों पर ठिठुरन बढ़ गई. कई श्रद्धालु अलाव के पास हाथ तापते नजर आए, जबकि कुछ लोग गर्म कपड़ों में खुद को पूरी तरह ढककर गंगा घाटों पर पहुंचे.

कोहरे की वजह से तापमान में गिरावट

घने कोहरे के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. सुबह के समय सड़कों पर दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. हाईवे और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही. कई स्थानों पर लोग कोहरे के कारण देर से अपने घरों से बाहर निकले, जिससे दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा.

Continues below advertisement

मौसम में आए इस बदलाव से शीतलहर जैसी स्थिति बनती नजर आ रही है. गंगा घाटों पर नमी और ठंडी हवा के चलते बुजुर्गों, बच्चों और श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी झेलनी पड़ी. स्थानीय दुकानदारों और नाव चालकों ने भी बताया कि सुबह के समय कोहरे और ठंड के कारण आवाजाही कम रही.

मौसम विभाग ने दी यह जानकारी

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में घने कोहरे और ठंड का असर बना रह सकता है. विभाग ने सुबह और देर रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. वाहन चालकों को फॉग लाइट का प्रयोग करने और धीमी गति से वाहन चलाने की हिदायत दी गई है.

डॉक्टरों ने भी ठंड के इस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लोगों को गर्म कपड़े पहनने, बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने तथा सुबह के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है.