Haridwar News: हरिद्वार ट्रक ड्राइवर से मारपीट के मामले ने पकड़ा तूल, घटना के दो दिन बाद FIR पर उठे सवाल
Haridwar News in Hindi: बहादराबाद थाना क्षेत्र के करीब ढाबे पर फिरोज का ट्रक रोककर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की थी.

हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र में रविवार (22 फरवरी) की रात हुई मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले में दो अलग-अलग शिकायतें सामने आई हैं और जांच जारी है.
दरअसल बहादराबाद थाना क्षेत्र के करीब ढाबे पर फिरोज का ट्रक रोककर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की थी. इस मारपीट में फिरोज के शरीर पर नीले निशान पड़ गए हैं. जिसे देखकर रौंगटे खड़े हो जाएंगे. इस बीच फिरोज ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी शिकायत दो दिन बाद दर्ज हुई है. वहीं दूसरी तरफ अंकुर चौहान ने भी दो दिन बाद शिकायत दर्ज होने की बात कही है.
पीड़ित ट्रक चालक ने दी शिकायत
मंसूरपुर (संभल) निवासी 22 वर्षीय ट्रक चालक फिरोज का आरोप है कि वह 22 तारीख की रात अपना ट्रक एक होटल के बाहर खड़ा कर रहा था. वहां पहले से मौजूद कुछ युवकों ने नाम पूछने के बाद उसके साथ बेल्ट और डंडों से मारपीट की.
फिरोज का कहना है कि उसने 112 पर कॉल भी किया. मेडिकल रिपोर्ट में उसके शरीर पर चोट के निशान दर्ज बताए जा रहे हैं. उसकी तहरीर पर अंकुर चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन घटना रविवार (22 फरवरी) की है और एफआईआर मंगलवार (24 फरवरी) को दर्ज होने पर सवाल उठ रहे हैं.
दूसरे पक्ष ने मामले पर क्या कहा?
अंकुर चौहान और उसके साथियों का दावा है कि वे होटल में खाना खा रहे थे. आरोप है कि पास में ट्रक खड़ा करने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद ट्रक चालक ने गाली-गलौज की, वाहन चढ़ाने की कोशिश की और धारदार हथियार से हमला किया. उनके अनुसार दो युवक घायल हुए और अस्पताल ले जाए गए. उनकी शिकायत भी दो दिन बाद दर्ज होने की बात सामने आई है.
मारपीट के मामले को लेकर उठे ये सवाल
- क्या 112 कॉल का रिकॉर्ड और आसपास के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाएंगे?
- क्या 22 फरवरी की रात ही दोनों पक्षों का मेडिकल परीक्षण कराया गया?
- यदि ट्रक चढ़ाने की कोशिश हुई, तो चालक स्वयं गंभीर रूप से घायल कैसे हुआ?
- कथित रूप से घायल युवकों की मेडिकल रिपोर्ट क्या कहती है?
- होटल देर रात तक खुला था, क्या वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध थीं?
इस मामले पर एसएसपी ने दी यह जानकारी
मामले पर एसएसपी नवनीत भुल्लर का कहना है कि अभी तक जांच में धर्म से जुड़ा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है. दोनों पक्षों से तहरीर लेकर जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली है. अब नजर इस बात पर है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ती है या नहीं, क्योंकि मूल प्रश्न यही है. पुलिस पीड़ित और आरोपी की पहचान तथ्यों के आधार पर कैसे तय करेगी?
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