हरदोई में बिजली विभाग में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है, जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विद्युत उपकेंद्र कराही में तैनात एक जूनियर इंजीनियर (JE) को एंटी करप्शन टीम ने 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह निजी नलकूप कनेक्शन के एस्टीमेट के नाम पर यह रकम मांग रहा था.

Continues below advertisement

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ लिया. गिरफ्तारी की खबर फैलते ही विभाग में हड़कंप मच गया. फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

शिकायत की पुष्टि के बाद हुआ मामले का खुलासा

विद्युत उपकेंद्र कराही में तैनात जेई पवन वर्मा पर आरोप है कि उसने बम्हनाखेड़ा निवासी मुस्तकीम से निजी नलकूप कनेक्शन के एस्टीमेट को तैयार करने के एवज में 22 हजार रुपये की अवैध मांग की थी. लगातार परेशान उपभोक्ता ने हिम्मत दिखाते हुए मामले की शिकायत लखनऊ एंटी करप्शन संगठन से की. शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया और तय समय पर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया.

Continues below advertisement

ये भी पढ़िए- UP 2027 के चुनाव में जीती बीजेपी तो कौन होगा सीएम? नितिन नवीन ने साफ कर दी तस्वीर

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया जेई

बघौली सीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि जेई पवन वर्मा ने विद्युत उपकेंद्र कराही परिसर में ही 22 हजार रुपये की रिश्वत ली. मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया. यानी गिरफ्तारी भी उसी विद्युत उपकेंद्र कराही से की गई, जहां वह तैनात था और जहां वह अपनी जिम्मेदारी निभा रहा था. इंस्पेक्टर टीपी सिंह के नेतृत्व में लखनऊ से आई टीम की इस कार्रवाई ने बिजली विभाग में खलबली मचा दी. आरोपी को तत्काल बघौली थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. अब पुलिस आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी में जुटी है. इस घटना ने साफ कर दिया है कि विभागीय संरक्षण के भरोसे चल रहे भ्रष्टाचार पर अब सख्त शिकंजा कसा जा रहा है.

ये भी पढ़िए- UP Politics: यूपी 2027 चुनाव में CM योगी ही होंगे बीजेपी का चेहरा, अखिलेश यादव बोले- वो काला चश्मा लगाकर...