उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में सिंभावली थाना क्षेत्र के वैठ गांव में एक 10 सेकंड की वायरल रील ने ऐसा बवाल कर दिया कि पुलिस और परिवार में हाथापाई तक हो गयी. पुलिस अवैध हथियार लहराते हुए रील बनाने वाले आरोपी युवक सारिक को पकड़ने गयी थी, तभी परिवार की महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया. इसमें दो पुलिस कर्मियों की वर्दी भी फट गयी. इस घटना का वीडियो सोसिला मीडिया पर वायरल है.

पुलिस ने मारपीट औरअभद्रता करने वाले छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जबकि महिलाओं ने पुलिस पर घर में घुसकर छेड़खानी का आरोप लगाया है.

क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के मुताबिक वैठ गांव निवासी सारिक ने अवैध हथियार हाथ में लेकर एक 10 सेकंड की रील बनाई थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. सिंभावली थाने की टीम सारिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने गांव पहुंची. जैसे ही पुलिस ने सारिक को पकड़ने की कोशिश की, परिवार के सदस्य आ गए और विरोध शुरू कर दिया.

खींचतान के दौरान परिवार की महिलाओं ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की. एक महिला ने दरोगा की कॉलर पकड़कर वर्दी फाड़ दी, जबकि नेम प्लेट और बटन भी तोड़ दिए गए. वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि सारिक को लेकर पुलिस और परिवार के बीच किस तरह मारपीट हो रही है.

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

दरोगा मुनेंद्र सिंह की तहरीर पर सारिक, उसके पिता नवाब, मां शमीम, भाई अरबाज, बहन इकरा और अर्शी के खिलाफ IPC की धारा 353 (सरकारी कार्य में बाधा), 504 (अपमान) और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस पर हमला कर वर्दी फाड़ी और कार्य में बाधा डाली. पुलिस ने युवक सारिक को गिरफ्तार कर लिया  है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

महिलाओं-परिवार ने पुलिस पर लगाया अभद्रता का आरोप

उधर इस मामले में परिवार ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. सारिक की मां शमीम ने कहा कि यह कार्रवाई गांव के ही एक व्यक्ति के दबाव में हुई. उसने मेरे बेटे से मारपीट की थी, जिसकी शिकायत हमने डीआईजी से की. इसके बाद पुलिस आधी रात को घर आई, बेटे को खींचा-ताना, मेरी और बेटियों के साथ दुर्व्यवहार किया तथा मारपीट की. परिवार का दावा है कि रील में कोई फायरिंग नहीं हुई, सिर्फ हथियार दिखाया गया था.

जांच के आधार पर होगी कार्रवाई

एएसपी हापुड़ विनीत भटनागर ने बताया कि मामला संवेदनशील है. हम वीडियो और गवाहों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर रहे हैं. पुलिस की वर्दी का अपमान सहन नहीं किया जा सकता, लेकिन परिवार के आरोपों की भी जांच होगी. कानून सबके लिए बराबर है.