उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से शिक्षक और छात्र के रिश्ते को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. एक प्रतिष्ठित कॉलेज में अर्थशास्त्र पढ़ाने वाले प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार मित्तल पर 12वीं की नाबालिग छात्रा ने अशोभनीय व्यवहार, आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है.
छात्रा के मुताबिक, विरोध करने पर करियर बर्बाद करने की धमकी भी प्रोफेसर ने दिया है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी है.
छात्रा की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
एफआईआर के अनुसार, छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर उसे बार-बार अपने पास बुलाते थे और निजी बातचीत करने का दबाव बनाते थे. शिकायत में यह भी आरोप है कि आरोपी ने छात्रा से व्हाट्सऐप कॉल करने के लिए कहा, यह कहते हुए कि उस पर रिकॉर्ड नहीं बनता. छात्रा के मुताबिक, प्रोफेसर ने कई बार व्यक्तिगत और आपत्तिजनक बातें कहीं तथा उससे अनुचित नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश कीं.
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसका करियर खराब करने की धमकी दी. छात्रा ने यह भी दावा किया कि आरोपी का व्यवहार अन्य छात्राओं के प्रति भी अनुचित था, लेकिन डर और दबाव के कारण वे सामने नहीं आ सकीं.
पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए हापुड़ नगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की. आरोपी प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार मित्तल को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 7 और 8 के तहत मुकदमा दर्ज किया है.
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी. यदि जांच के दौरान अन्य पीड़ित या अतिरिक्त साक्ष्य सामने आते हैं तो उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा.
शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों और कॉलेजों में आंतरिक शिकायत तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, ताकि छात्र-छात्राएं बिना किसी भय के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें.
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