उत्तर प्रदेश के हापुड़ में चिलचिलाती गर्मी और उमस के बीच हो रही बिजली कटौती ने देर रात लोगों के सब्र का इम्तिहान ले लिया. कई दिनों से चल रही अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से तंग आकर बीती रात स्थानीय निवासियों ने दिल्ली रोड स्थित बिजली सबस्टेशन का घेराव कर दिया. आक्रोशित लोगों ने सबस्टेशन परिसर में ही विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की.
हापुड़ में दिल्ली रोड बिजली घर पर देर रात भारी संख्या में कॉलोनीवासी इकट्ठा हो गए. सूचना पर भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और स्थिति संभाली और लोगों को समझा-बुझा कर शांत किया. इस दौरान काफी देर अफरा-तफरी का माहौल रहा.
लगातार ट्रिपिंग से लोग परेशान
आसमान से बरसती आग और उस पर बिजली की आंख-मिचौली ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से इलाके में लगातार ट्रिपिंग हो रही है और घंटों तक बत्ती गुल रहती है. वोल्टेज इतना कम है कि न तो पंखे हवा दे रहे हैं और न ही कूलर काम कर रहे हैं. इस भयंकर तपिश में घरों के अंदर बैठना मुश्किल हो चुका है. सबसे ज्यादा परेशानी मासूम बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है. गुस्साए प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने टोल-फ्री नंबर से लेकर सबस्टेशन तक कई लिखित शिकायतें दीं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी. आखिरकार परेशान होकर उन्हें आधी रात को सड़कों पर उतरना पड़ा.
बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे
सबस्टेशन पर बढ़ते बवाल और प्रदर्शन की खबर मिलते ही बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर दौड़े-भागे पहुंचे. अधिकारियों ने किसी तरह मोर्चा संभाला और आक्रोशित लोगों को शांत कराने की कोशिश की. विभाग की तरफ से कहा गया कि रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण ट्रांसफार्मरों और सिस्टम पर लोड अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया है. इसी ओवरलोडिंग की वजह से बार-बार तकनीकी गड़बड़ी आ रही है और ट्रिपिंग हो रही है.
हालांकि, अधिकारियों ने जनता को भरोसा दिलाया है कि अतिरिक्त लोड की इस समस्या का जल्द ही समाधान खोज लिया जाएगा और तकनीकी कमियों को दूर करके बिजली व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाया जाएगा. अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल तो लोग शांत होकर घरों को लौट गए, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि हर साल गर्मी आने से पहले मेंटेनेंस के नाम पर किए जाने वाले दावों की हवा पहली ही गर्मी में क्यों निकल जाती है.
