उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में हुए पुल हादसे को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले की प्रारंभिक जांच के बाद सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ ही डीपीएम दिलीप कुमार के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. सरकार का कहना है कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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जानकारी के अनुसार पुल हादसे की जांच तेज कर दी गई है और तकनीकी टीमों से रिपोर्ट मांगी गई है. जांच में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए. प्रदेश सरकार ने साफ कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीति पूरी तरह स्पष्ट है यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसकी गंभीरता से जांच होगी और दोषी मिलने पर सख्त कार्रवाई तय है. सरकार ने यह भी दोहराया कि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या ठेकेदार को संरक्षण नहीं दिया जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो.

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बता दें कि हमीरपुर जिले में आज शुक्रवार (29 मई) तड़के तेज आंधी के दौरान बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने से छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक यह हादसा हमीरपुर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर लालपुरा थाना क्षेत्र के परसानी और कंदौर गांवों के बीच तड़के लगभग तीन बजे हुआ. घटना के समय कई श्रमिक पुल के स्लैब के ऊपरी हिस्से पर सो रहे थे.

पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान लोकेन्द्र (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है. वहीं, अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद घायल हुए हैं, जिन्हें मलबे से निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.

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