कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव से राहत दिलाने के लिए 72 करोड़ रुपये की लागत से एआई आधारित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) स्थापित किया जाएगा. परियोजना की तकनीकी बिड को शासन से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन वित्तीय स्वीकृति लंबित होने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है.

एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से लागू होने वाले इस प्रोजेक्ट के तहत शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम लगाया जाएगा. फिलहाल 13 स्थानों पर पहले से लगी ट्रैफिक लाइटें निष्क्रिय पड़ी हैं, जिन्हें ITMS के लागू होते ही एडेप्टिव कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे सिग्नल ट्रैफिक घनत्व के अनुसार स्वतः संचालित होंगे.

225 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए

इस सिस्टम के तहत 225 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. साथ ही 91 रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन कैमरे और 91 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान कर ई-चालान जारी करेंगे. ओवरस्पीडिंग पर नजर रखने के लिए 10 स्पीड डिटेक्शन रडार लगाए जाएंगे.

50-50 पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम भी स्थापित होंगे

इसके अलावा 50 वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड, 52 पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, 25 इमरजेंसी पैनिक बटन और 174 पैदल यात्री बटन व काउंटडाउन टाइमर लगाए जाएंगे. बस स्टॉप और बसों में 50-50 पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम भी स्थापित होंगे, जिससे यात्रियों को रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी. पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग के लिए एक हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा.

बरेली रोड, तिकोनिया, कालाढूंगी रोड, मुखानी, पीलीकोठी, लालडांठ और ऊंचापुल समेत शहर के प्रमुख चौराहों पर यह व्यवस्था लागू होगी.

महानगरों की तर्ज पर होगा ट्रैफिक मैनेजमेंट

एसपी ट्रैफिक जगदीश चंद्र के अनुसार, ITMS लागू होने के बाद हल्द्वानी में ट्रैफिक प्रबंधन महानगरों की तर्ज पर होगा और जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी. वहीं परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि वित्तीय स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा.