उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में शनिवार आधी रात यमुना एक्सप्रेसवे पर उस समय चीख-पुकार मच गयी. जब ओवरटेक करते समत तीन गाड़ियां आपस में टकरा गयीं और उनमें भयंकर आग लग गयी. सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग की लपटों में से तीनों कारों में सवार 11 लोगों को बचाया. इनमे दो लोग घायल हैं, जिन्हें कैलाश अस्पताल भेजा गया है.
हादसा यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 20 के पास हुआ. जैसे ही सूचना मिली QRT टीम ने तत्परता दिखाई और इससे पहले हादसा और बड़ा होता, लोगों को सुरक्षित निकाला. स्थानीय लोगों ने भी पुलिस और फायर ब्रिगेड के इस काम को सराहा. आग की लपटों के बीच से लोगों को जिंदा निकालाना उनके लिए वाकई एक नया जीवन था.
क्या था पूरा घटनाक्रम ?
ग्रेटर नोएडा के थाना रबूपुरा क्षेत्र में बीती रात एक बड़ा हादसा हो गया. यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 20 के पास तीन गाड़ियाँ आपस में टकरा गईं. टक्कर इतनी जोरदार थी कि देखते ही देखते कारों में भीषण आग लग गई. अंदर सवार मुसाफिरों की जान खतरे में थी, लेकिन सूचना मिलते ही रबूपुरा पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मोर्चा संभाल लिया.
ओवरटेकिंग के दौरान हुआ हादसा
मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर जलती कारों से लोगों को बाहर निकाला और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ओवरटेकिंग के दौरान अचानक ब्रेक लगने से यह हादसा हुआ. पुलिस और QRT की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 11 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया. इनमें से दो घायलों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल भेजा गया है. रबूपुरा पुलिस और फायर ब्रिगेड के तत्परता के की गई कार्रवही से बच गई 11 जिंदगियां. इसके साथ ही पिछले दिनों एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. अगर गाड़ियां धीमें होतीं तो शायद हादसा रोका जा सकता था.