उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की सूरजपुर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो रात के अंधेरे में चमचमाती थार और वेन्यू कारों में घूमकर राहगीरों और टैक्सी ड्राइवरों को अपना शिकार बनाता था. पुलिस ने इस गैंग के 5 शातिर लुटेरों को सेक्टर ईटा-1 के पास से गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में लूटे गए मोबाइल फोन, कैश और अवैध हथियार बरामद हुए हैं.
सूरजपुर पुलिस की गिरफ्त में पांचों आरोपी अंकित सिंह, दीपान्शु, तरुण ठाकुर, नवाब भाटी उर्फ संदीप भाटी और मोहित राजपूत कोई साधारण अपराधी नहीं हैं, बल्कि इन्होंने दिल्ली-एनसीआर और नोएडा में आतंक मचा रखा था. इस गैंग का काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला है. डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि ये आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए बकायदा मालिक से किराए पर लग्जरी गाड़ियां जैसे थार और वेन्यू लेते थे.
इसके बाद रात के समय सड़कों पर निकल पड़ते थे. रास्ते में जो भी राहगीर लिफ्ट मांगता, उसे ये बड़ी हमदर्दी के साथ अपनी गाड़ी में बैठा लेते थे. लेकिन कुछ दूर जाते ही ये असली रंग दिखाते और राहगीरों के साथ मारपीट कर उनके मोबाइल, कैश और कीमती सामान लूट लेते थे.
टैक्सी ड्राईवरों को निशाना बनाता था
डीसीपी सेन्ट्रल नोएडा ने बताया कि यह गिरोह रात में ड्यूटी पर जाने वाले टैक्सी ड्राइवरों को भी निशाना बनाता था. उनकी टैक्सी के आगे जानबूझकर अपनी गाड़ी लहराते थे और जब ड्राइवर विरोध करता, तो उसके साथ मारपीट कर लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे. वारदात के बाद ये चुपचाप किराए की गाड़ी असली मालिक को लौटा देते थे, ताकि पुलिस इन तक न पहुंच सके. इस गिरोह ने 16 मई की सुबह भी सेक्टर ईटा-01 के पास एक ऐसी ही वारदात को अंजाम दिया था. जिसके बाद पुलिस इनकी तलाश कर रही थी.
आरोपियों का पुराना इतिहास है
डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि पुलिस ने सटीक इनपुट के आधार पर घेराबंदी करते हुए इन पांचों को धर दबोचा. इनमें से मुख्य आरोपी मोहित राजपूत पर पहले से ही आर्म्स एक्ट और लूट के कई मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपियों का भी पुराना आपराधिक इतिहास है.
