ग्रेटर नोएडा में किसान सभा ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ ईटेडा गांव में एक पंचायत की, जिसमें बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के किसान शामिल हुए. इस पंचायत में किसानों ने आरोप लगाया कि 10 प्रतिशत प्लॉट, नए कानून को लागू करने और आबादियों के निस्तारण आदि को लेकर निर्णय लेना था लेकिन, अभी तक किसानों के हक में कोई फैसला नहीं लिया गया है. 

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किसान सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने दस प्रतिशत प्लाट, नए कानून को लागू करने एवं आबादियों के निस्तारण के संबंध में चिंता जाहिर करते हुए कहा कि 9 जनवरी को आबादी नियमावली के तहत धारा—4 की कमेटी को 12 गांवों के आबादी प्रकरणों के संबंध में निर्णय लेना था. 

किसानों ने लगाया ढिलाई बरतने का आरोप

धारा-4 की कमेटी में पुलिस कमिश्नर एवं डीएम के प्रतिनिधि भी शामिल रहते हैं. पुलिस कमिश्नर के प्रतिनिधि सूचना होने के बाद भी शामिल नहीं हुए. जिस वजह से कमेटी कोई फैसला नहीं दे सकी है. प्राधिकरण के अधिकारियों ने 23 जनवरी को दोबारा बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है. 

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर आंदोलन की चेतावनी

किसानों ने कहा कि 23 जनवरी को बैठक नहीं की जाती है और उनकी समस्या का हल नहीं किया जाता है तो वो बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे. किसान सभा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सामने ही आंदोलन करेगी. 

बता दें कि इस मामले में हाई पावर कमेटी मुख्यमंत्री आबादी प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में स्पष्ट निर्देश दे चुकी है. उसके बाद भी प्राधिकरण स्तर पर कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है. जिससे किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. 

इस मौके पर सतपाल खारी, भीम खारी, संदीप चौगानपुर, नितिन मलकपुर, गुरप्रीत एडवोकेट, भगत सिंह तुगलपुर, सतबीर यादव गबरी मुखिया, मनोज यादव, गौरव यादव आदि मौजूद रहे. किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से उनकी समस्याओं का निस्तारण करने की मांग की है. 

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