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अभी मध्य प्रदेश के इंदौर (भागीरथीपुरा) में गंदा पानी पीने से हुई 20 मौतों का जख्म भरा भी नहीं था कि दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां डेल्टा-1 सेक्टर के सी-ब्लॉक में सप्लाई के पानी में सीवर का गंदा पानी मिक्स होने के कारण हड़कंप मच गया है. पिछले तीन दिनों में बच्चे, बूढ़े और महिलाओं समेत 15 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं, जिन्हें उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.

बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर सेक्टर निवासी 80 वर्षीय ओमवती के घर में कोहराम मचा है. उनकी दो पोतियां और एक पोता गंदा पानी पीने से बीमार होकर अस्पताल से लौटे हैं और फिलहाल दवाइयों के सहारे हैं. वहीं, रुक्मणी सिंह भाटी ने बताया कि सोमवार (5 जनवरी) को पाइपलाइन से अचानक पीला और बदबूदार पानी आने लगा, जिसे पीने से उनका पूरा परिवार बीमार हो गया. अब लोग मजबूरन निजी कैन से पानी खरीदकर पी रहे हैं. स्थानीय निवासी सुमित्रा नेगी के अनुसार, शिकायत के एक हफ्ते बाद अथॉरिटी के लोग पहुंचे और पुष्टि की कि पीने के पानी की लाइन में सीवर का पानी मिक्स हो गया था.

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'अभी भी आ रहा है बदबूदार पानी'

RWA के कोषाध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि अथॉरिटी के कर्मचारियों ने सीवर और पानी की पाइपलाइन के लीकेज को ठीक करने का दावा किया था. लेकिन प्रशासन के दावों की हवा तब निकल गई जब गुरुवार दोपहर 1 बजे दोबारा पानी की सप्लाई हुई. बाल्टियों में भरा गया पानी अब भी पीला और बदबूदार था. आक्रोशित महिलाओं का कहना है कि प्रशासन केवल लीपापोती कर रहा है, जबकि लोग अभी भी बीमार पड़ रहे हैं.

RO का पानी भी उबालकर पीने को मजबूर

डेल्टा-1 सेक्टर में डर का माहौल ऐसा है कि लोग अब RO का पानी भी उबालकर पीने को मजबूर हैं. स्थानीय निवासी मीनाक्षी सिंह ने बताया कि संक्रमण का खतरा इतना बढ़ गया है कि लोग सामान्य पानी छूने से भी कतरा रहे हैं. सवाल यह उठता है कि क्या ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी किसी बड़ी मौत का इंतजार कर रही है? इंदौर की घटना से सबक लेने के बजाय प्रशासन की यह सुस्ती किसी बड़े खतरे को न्योता दे रही है.