ग्रेटर नोएडा दनकौर कोतवाली क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में दुखद खबर सामने आई है, जहां गहरे गड्ढे में भरे पानी में डूबने से एक तीन साल के बच्चे की मौत हो गई. इसके बाद से ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है. घटना के बाद से प्रशासन के खिलाफ परिजनों में आक्रोश व्याप्त है.

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दरअसल, दलेलगढ़ गांव निवासी अनिल की बेटी अंजलि अपने मायके आई थी. अंजलि की बुलंदशहर के सिकंदराबाद में ससुराल है. अंजजि के साथ उसका तीन साल का बेटा देवांश और बेटी को भी लेकर दलेलगढ़ आई थी. अनिल के घर के पास ही एक मंदिर है.

खेलते-खेलते गड्ढे में गिरा बच्चा

महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया. अंजलि अपने बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मंदिर गई थी. परिवार के लोग मंदिर में चल रही पूजा अर्चना और भंडारे में व्यस्त हो गए. उसी दौरान नजर बचाकर देवांश अपनी बहन के साथ खेलता-खेलता मंदिर के पास सरकारी जमीन पर बने गहरे गड्ढे में भरे पानी के पास चला गया.

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जब बच्चा किसी को दिखाई नहीं दिया तो उसकी खोजबीन शुरू की गई. मंदिर में काफी देर तक उसे खोजा गया. सुराग नही मिला तो कुछ लोग गड्ढ़े के पास चले गए. जहां वह दिखाई दिया तो ग्रामीणों के पैरों तले से जमीन खिसक गई.

इस गड्ढे में भरा रहता है पानी- ग्रामीण

आनन-फानन में बच्चे को पानी से निकाला गया और उपचार के लिए एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद से ही परिवार में कोहराम मच गया है. ग्रामीणों ने बताया कि गड्ढे में पानी भरा रहता है.

जनवरी में ही की थी शिकायत 

मंदिर के पास होने वजह से हादसे की आंशका रहती है. जनवरी माह में इसकी शिकायत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से की गई थी. कार्रवाई न होने से अब यह हादसा हो गया. ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ है.

दनकौर कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी. लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है. फिलहाल उनकी तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है. शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

दलेलगढ़ की घटना पर प्राधिकरण का बयान

दलेलगढ़ गांव में मंदिर के पास एक गड्ढे में भरे पानी में डूबने से 3 साल के मासूम की मौत होने की सूचना पर प्राधिकरण के संबंधित वर्क सर्कल की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. टीम को पता चला है कि यह जमीन गांव के ही  किसान के नाम पर दर्ज है. यह सरकारी तालाब नहीं है. 

इसी जमीन पर गड्ढे में पानी भरा हुआ था, जिसमें डूबने से बच्चे की मौत हुई है. इस घटना से प्राधिकरण के अधिकारियों में भी गहरा शोक है.