उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गयी, जब देवरिया में तैनात शिक्षक ने कृष्ण मोहन सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आत्महत्या की वजह बेसिक शिक्षा विभाग में क्लर्क द्वारा वेतन के लिए रिश्वत और प्रताड़ित करना सामने आया है. मृतक ने एक सुसाइड नोट और अपना एक वीडियो भी जारी किया जिसमें शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के आरोप लगाए.

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सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. बताया जा रहा है कि पत्नी के गहने बेचकर शिक्षक ने क्लर्क को 16 लाख रुपए दे चुका था. लेकिन वेतन जारी नहीं किया गया, जिसके कारण वह टूट गया और आत्महत्या कर ली.

क्या है पूरा मामला ?

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जानकारी के मुताबिक मृतक शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह, मूलरूप से कुशीनगर के हरैया के रहने वाले थे और सहायक अध्यापक देवरिया के गौरीबाजार स्थित ब्लॉक के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में तैनाते थे. इन दिनों अपने भाई अवधेश सिंह के साथ ही गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में रह रहे थे. शनिवार सुबह किसी वक्त उन्होंने फांसी लगा ली.

वेतन से जुड़े मामले में मांगी जा रही थी रिश्वत

मौके पर मिले सुसाइड नोट और वीडियो के मुताबिक वीडियो में बीएसए कार्यालय के बाबू पर प्रति शिक्षक 20 लाख रुपए मांगे गए थे. यह सभी 2016 में भर्ती हुए हुए थे और हाईकोर्ट में नियुक्ति पर पेंच फंसा था. 2022 में शिक्षकों के बहाल होने के बाद कोर्ट ने वेतन जारी करने के निर्देश दिए थे.

वीडियो में बिलखते हुए कृष्ण मोहन ने कहा, "मैं मरना नहीं चाहता था, पत्नी और बच्चों के लिए जीना चाहता था, लेकिन अपमान और कर्ज के बोझ से मजबूर हो गया."

अलग-अलग किश्तों में दी रिश्वत

बीएसए के क्लेर को पहली किश्त 27 जुलाई को दी गयी, उसके बाद बाकी रहम अलग-अलग तारीखों में दी गयी. कृष्ण मोहन इस रकम के लिए अपनी पत्नी के जेवर तक गिरवी रख दिए थे. 17 नवम्बर 2025 को उसने पादरी बाजार ब्रांच से 7 लाख रुपए भी निकाले थे.

हाईकोर्ट द्वारा भुगतान के आदेश के बावजूद भी हीलाहवाली की जा रही थी. पूर्व प्रधानाचार्य भी इस मामले में संलिप्त हैं. बताया जा रहा है कि शुक्रवार (20 फरवरी) को देवरिया में बीएसए ऑफिस में बुलाकर उसे अपमानित किया गया था. जिसके बाद उसने आत्मघाती कदम उठाया.

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में सुसाइड नोट और वीडियो के आधार पर बीएसए कार्यालय देवरिया के कई कर्मचारी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं.