यूपी के गोरखपुर में नगर निगम की लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली. एक शख्‍स बारिश में तालाब बनी सड़क पर मासूम आफरीन की जिंदगी बचाने के लिए उसे गोद में लेकर दौड़ लगाता रहा, लेकिन आफरीन की जान नहीं बच सकी. चिकित्‍सकों ने मासूम आफरीन को मृत घोषित कर दिया.

दरअसल, घोसीपुरवा मोहल्‍ले के लाला टोला के रहने वाले अनीश की 8 साल की बेटी आफरीन टीले वाली मस्जिद के मदरसे में पढ़कर घर वापस लौट रही थी. तभी बारिश की वजह से वह बहकर निर्माणाधीन खुले हुए नाले में फिसलकर गिर गई. आसपास के लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया और उसे बाहर निकाला. स्थानीय लोग आनन-फानन में आफरीन को बेसुध हालत में एक निजी चिकित्‍सालय लेकर पहुंचे, जहां उसे जिला चिकित्‍सालय भेज दिया गया. 

डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

घोषकंपनी से जिला चिकित्‍सालय के रास्‍ते पर बारिश के बाद जाम होने की वजह से बाइक से उतरकर शख्‍स मासूम आफरीन को बेसुध हालत में गोद में लेकर बारिश में तालाब बनी सड़क पर दौड़ लगाते हुए जिला चिकित्‍सालय के गेट तक पहुंचा. जब उसे जिला चिकित्‍सालय में चिकित्‍सकों ने आफरीन की जांच की, तो उसकी मौत हो चुकी थी.

हादसे के बाद भी परिजनों को आफरीन के बारे में कुछ पता नहीं चला. वार्ड के पार्षद और अन्‍य लोगों के द्वारा आफरीन की मौत के बाद उसके परिजनों की काफी खोजबीन की गई. उसकी फोटो वायरल हुई, तो एक से डेढ़ घंटे बाद उसके माता-पिता को हादसे के बारे में पता चला. 

घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

इसके बाद से ही आफरीन के पिता अनीश का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं मां आसमां की तबियत खराब होने के बाद जिला चिकित्‍सालय में भर्ती कराया गया है. वो बताती हैं कि उनके दो बच्‍चे हैं. आफरीन का पहले दिन ही दाखिला कराया था. आज वो पहले दिन पढ़ने गई थी.

शासन ने दिया मदद का आश्वासन

नगर निगम के अपर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि वह खुद मौके पर गए थे, वहां पर नाला निर्माण का कार्य स्लैब डालकर किया जा रहा है. बच्ची किन परिस्थितियों में कैसे गिरी? उसे उस समय गिरने के दौरान किसने देखा? वहां कौन मौजूद था और यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. उन्होंने महापौर डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव के साथ जिला चिकित्सालय पहुंचकर मृत बच्ची के परिजनों और मोहल्ले के लोगों से मुलाकात की है. साथ ही परिजनों की हर संभव मदद की जाएगी.