रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से नए प्रतिमान गढ़ रहे गोरखपुर में एक और फोरलेन सड़क बनकर लगभग तैयार है. भटहट से बांसस्थान तक करीब 12 किमी लंबाई वाले इस फोरलेन सड़क पर ही प्रदेश का पहला राज्य आयुष विश्वविद्यालय स्थापित है.

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पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे आयुष विश्वविद्यालय तक जाने को स्थानीय लोगों और दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए फोरलेन की कनेक्टिविटी योगी सरकार की तरफ से नई सौगात होगी. बड़ी संख्या में आयुष चिकित्सा का लाभ लेने के लोगों का आवागमन और सुगम होगा. इस फोरलेन सड़क से आयुष चिकित्सा को भी नई रफ्तार मिल जाएगी.

आयुष विश्वविद्यालय तक पहुंचना होगा आसान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय तक पहुंचने की राह अब बेहद सुगम हो रही है. इसके लिए भटहट से बांसस्थान तक 11.60 किमी की लंबाई में फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है.

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मार्च 2023 में शुरू हुआ था फोरलेन का काम

कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड तीन से मिली जानकारी के अनुसार 689.35 करोड़ रुपये की इस फोरलेन सड़क परियोजना पर कार्य 24 मार्च 2023 को शुरू हुआ था. अब तक की भौतिक प्रगति 98 प्रतिशत से अधिक है. सड़क के बीच में डिवाइडर बनाने और डिवाइडर के हिस्से में पौधे लगाने का काम भी तकरीबन पूरा हो गया है. 

सड़क निर्माण के लिए सिर्फ 300 मीटर काम शेष

इसके साथ ही सड़क के दोनों ओर जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे यह मार्ग एक मॉडल रोड के रूप में स्थापित हो सके. सड़क निर्माण के लिए सिर्फ 300 मीटर का काम शेष है. इस माह के अंत तक सभी कार्य पूर्ण हो जाने की उम्मीद है. इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाना प्रस्तावित है.

जिलाधिकारी दीपक मीणा के मुताबिक, भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क परियोजना न केवल रोड कनेक्टिविटी बल्कि आयुष चिकित्सा पद्धति की पहुंच को सुगम करने की महत्वपूर्ण परियोजना है. फोरलेन सड़क से स्थानीय लोगों के साथ ही जनपद बाहर से आने वाले मरीज भी आयुर्वेद और अन्य आयुष चिकित्सा पद्धतियों का लाभ लेने के लिए आसानी से आयुष विश्वविद्यालय पहुंच सकेंगे.