उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एम्स थानाक्षेत्र के कुसम्ही जंगल में बुढ़िया माता मंदिर के पास गुरुवार (14 मई) की देर शाम कुशीनगर निवासी और मध्य प्रदेश की एक कंपनी में कार्यरत इंजीनियर की पेड़ से लटकती लाश मिलने से सनसनी फैल गई. सूचना पर पहुंची पालिक ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है.

Continues below advertisement

उधर इस घटना को लेकर कई सवाल खड़ हो रहे हैं. मरने से पहले मृतक ने एक वीडियो भी बनाया है. जिसमें उसने पत्नी के उत्पीड़न से आहत होकर खुदकशी करने का जिक्र किया है. वीडियो सोशल मीडिया पर  वायरल है.

यह भी पढ़ें: यूपी सरकार में विभागों का बंटवारा अब तक नहीं, BJP चीफ की नई टीम पर मंथन शुरू! गृह मंत्री से होगी पंकज चौधरी की मुलाकात?

Continues below advertisement

क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर जनपद के कसया थानाक्षेत्र के वेलवा पलकधारी गांव निवासी प्रद्युम्न कुमार यादव (33) मध्यप्रदेश में एक निजी कम्पनी में इंजीनियर था.गुरुवार देर शाम एम्स थानाक्षेत्र के बुढ़िया 'माता मंदिर के नाला पार एक पेड़ पर गमछे के सहारे फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली.

वीडियो में जताई निराशा 

इंजीनियर ने  खुदकुशी से पहले वीडियो में भावुक संदेश दिया है, जिसमें कहा है-  'पत्नी के उत्पीड़न से हारा हूं, समय नहीं था जाने का.' 'मेरे मरने का समय नहीं, पर पत्नी के अत्याचार से जीने की इच्छा भी नहीं, मुझे कोई यह न कहे कि मैं बेसमय मर गया, बड़े भाई, मां-बाप को एहसास न होने देना कि उसका एक बेटा नहीं है, हर मां-बाप की उम्मीद होती है कि बेटा बुढ़ापे का सहारा बने, लेकिन पत्नी के दिए दु:ख के आगे उनका दु:ख भूल गया.' यह कहते हुए प्रद्युम्न ने खुदकुशी कर ली.

मरने से पहले बनाए गए वीडियो में उसने वह फंदा भी दिखाया, जिससे लटककर खुदकुशी की. उसने कहा कि यह उसका आखिरी सहारा है. खुदकुशी से पहले प्रद्युम्न ने 1.46 मिनट के वीडियो में अपना दर्द बयां किया. उसने कहा कि हार गया जिंदगी से. इसकी वजह कोई और नहीं बल्कि उसकी पत्नी है. वह जिसने नई जिंदगी की शुरुआत के लिए हाथ थामा था.

पत्नी ने दहेज़ उत्पीड़न का केस दर्ज करवाया 

पत्नी ने  दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया और फिर वह टूटता चला गया. इस कदर टूटा कि उसने अपनी जिंदगी ही समाप्त कर ली. वीडियो में उसने मां-बाप की जिम्मेदारियों के लिए माफी मांगी और बड़े भाई से कहा कि वह कभी एहसास न होने दे कि उनका एक बेटा नहीं है. उसका वीडियो परिचितों ने सोशल मीडिया पर देखा तो पुलिस को सूचना दी.

2017 में हुई थी शादी 

कुशीनगर के तुर्कपट्टी थाना के सोहाग गांव की अर्पिता यादव पुत्री हरिशंकर से 2 जून 2017 को प्रद्युन्न की शादी हुई थी. शादी के बाद पत्नी करीब तीन महीने ससुराल में रही. उसके बाद अधिकतर समय पति के साथ हरियाणा में रही, वर्ष 2020 में दोनों के बीच विवाद हुआ और मामला न्यायालय में पहुंच गया, दोनों से पांच साल की एक बेटी है, जो मां के साथ रहती है. प्रद्युम्न की पत्नी अर्पिता ने दहेज उत्पीड़न और भरण-पोषण से संबंधित मुकदमा किया था, पारिवारिक न्यायालय पडरौना में केस विचाराधीन है.

इस मामले में 12 मई को तारीख लगी थी, लेकिन उस दिन फैसला नहीं हो पाया. अगली सुनवाई 21 जुलाई को थी.प्रद्युम्न को बार-बार छुट्टी लेकर आने में दिक्कत हो रही थी, जिससे वह अवसाद में था. फ़िलहाल पुलिस ने जांच के बाद ही कुछ भी कार्रवाई की बात कही है.

यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव का दुःख बांटने लखनऊ आया आजम परिवार, सपा चीफ से मिली तंजीन फातिमा